विकास पर ध्यान दें, विवाद पर नहीं : राष्टपति

Statement Today /स्टेटमेन्ट टुडे समाचार एजेंसी:
ब्यूरो मुख्यालय: स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने देश के विकास, गरीबी और असमानता से मुक्ति तथा महिलाओं की आजादी जैसे अहम विषयों पर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, ‘देश एक निर्णायक दौर से गुजर रहा है और ऐसे में हमें इस बात पर जोर देना है कि हम ध्यान भटकाने वाले मुद्दों में न उलझें और ना ही निरर्थक विवादों में पडक़र अपने लक्ष्यों से हटें।
हमारे सामने सामाजिक और आर्थिक पिरामिड में सबसे नीचे रह गए देशवासियों के जीवन-स्तर को तेजी से सुधारने का अच्छा अवसर है।’ उन्होंने कहा कि सबको देश के विकास तथा गरीबी और असमानता से मुक्ति पाने के लिए काम करना है। राष्ट्रपति ने कहा, ‘देश सभी लोगों का है। केवल सरकार का नहीं और एकजुट होकर, हम भारत के लोग गरीबी, अशिक्षा और असमानता को दूर कर सकते हैं।’ 
महिलाओं की भूमिका पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, ‘महिलाओं की हमारे समाज में एक विशेष भूमिका है और कई मायनों में महिलाओं की आजादी को व्यापक बनाने में ही देश की आजादी की सार्थकता है।’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘आज हम अपने इतिहास के एक ऐसे निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं जो बेहद अलग है।
आज हम कई ऐसे लक्ष्यों के काफी करीब हैं, जिनके लिए हम सालों से कोशिश करते आ रहे हैं।’ उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या डिप्लोमा प्राप्त कर लेना ही नहीं है, बल्कि सभी के जीवन को बेहतर बनाने की भावना को जगाना भी है। कोविंद ने कहा कि ऐसी भावना से ही संवेदनशीलता और बंधुता को बढ़ावा मिलता है ।

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