प्रधानमंत्री आवास योजना में 12.42 लाख आवास बनाये गये- ग्राम्य विकास राज्यमंत्री

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अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, उत्तर प्रदेश के ग्राम्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री डा0 महेन्द्र सिंह ने कहा है कि कल ग्राम्य विकास विभाग में श्रेणी-1 व 2 के अधिकारियों का स्थानान्तरण उनकी परफारमेंस तथा मेरिट के आधार पर उनकी च्वाइस के अनुसार किये गये थे। उन्होंने कहा कि स्थानान्तरण पत्र मीडिया के समक्ष खुली बैठक में सौंपे गये ताकि पूरी पारदर्शिता बनी रहे और इन अधिकारियों को जगह-जगह भटकना न पड़े और ये अपने दायित्वों का निर्वाहन सुविधाजनक ढंग से कर सकें।
ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि विभिन्न जनपदों से अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को लखनऊ बुलाकर उनकी मन पसन्द जगहों पर तैनाती दी गयी। उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने अपने दायित्वों का बेहतर ढंग से निर्वहन करके ग्राम्य विकास विभाग को पूरे देश में प्रथम स्थान दिलाया है। इसलिए उन्हें उनकी इच्छा के अनुसार जनपदों में तैनाती दी गयी है। उन्होंने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग देश का पहला विभाग है जो अधिकारियों को खुली बैठक में उनकी पसन्द के स्थानों पर तैनाती दी है। पिछले वर्ष भी यही प्रक्रिया अपनायी गयी थी।
लोकभवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेन्स को संबोधित करते हुए डा0 महेन्द्र सिंह ने विभागीय योजनाओं की सराहनीय उपलब्धियों से भी मीडिया से साझा किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में जलसंचयन तथा वर्षा जल को एकत्र करने के लिए 6851 तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 15 नदियों के पुनद्र्धार की कार्यवाही की जायेगी। इसके साथ ही नदियों के किनारे 25.58 लाख वृक्षारोपण किये जाने की रणनीति बनायी गयी है। मनरेगा के तहत अगले वित्तीय वर्ष में लगभग 15 करोड़ पौधों का रोपण किया जायेगा। इसके अलावा मनरेगा के तहत 11075 आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण के सापेक्ष 10204 आंगनबाड़ी केन्द्रों का निर्माण किया गया है। मनरेगा में पारदर्शिता एवं समय से भुगतान हेतु ए0बी0पी0एस0 सिस्टम अपनाया गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के बारे में जानकारी देते हुए ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत 12.42 लाख आवासों का निर्माण पूरा कर लिया गया है। जो लक्ष्य का 97 प्रतिशत है और देश में सबसे ज्यादा है। इसलिए उ0प्र0 को इस योजना में पूरे देश में प्रथम स्थान मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि 12.42 लाख आवासों में से 10.35 लाख आवासों में शौचालय का निर्माण भी किया गया है।
मुख्यमंत्री आवास योजना के बारे में जानकारी देते हुए ग्राम्य विकास मंत्री ने कहा कि इस योजना में 60563 पात्र लाभार्थी चिन्हित किये गये हैं। वर्ष 2018-19 में 16700 लाभार्थियों को लाभ दिया गया है, जिसमें से प्राकृतिक आपदा के शिकार 8932 लाभार्थी, मुसहर वर्ग के 3216, वनटंागिया के लाभार्थी 4069, कालाजार के लाभार्थी 111, जे0ई0 के लाभार्थी 179, तथा ए0ई0एस0 से प्रभावित 194 परिवारों को लाभान्वित किया गया है। वर्ष 2019-20 में 34017 लाभार्थियों को फायदा पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें 3897 कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवार भी शामिल हैं।

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