क्यों हुई दर्दनाक मौत ? छेड़छाड़ से परेशान : नाबालिग युवती ने किया अग्नि स्नान

स्टेटमेंटटुडे न्यूज़
झाँसी –छेड़छाड़ से परेशान एक नाबालिग लड़की ने युवक से तंग आकर अग्नि स्नान कर लिया। जिसकी कल देर रात मेडिकल कॉलेज झांसी में इलाज के दौरान दर्दनाक मौत हो गई। उम्र करीब 18 वर्ष पुत्री के पिता निवासी राठ प्राइवेट स्कूल से इंटर की पढ़ाई कर रही थी। आरोप है कि उसके घर के पास रहने वाली एक युवक उसको परेशान करता था। जिस से परेशान होकर रेनू के पिता ने उक्त युवक के खिलाफ कई बार थाने में शिकायत की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिससे उक्त युवक की हिम्मत बढ़ गई और एक दिन देर रात वह मकान की छत पर चढ़कर युवती के कमरे में घुस गया। युवती के चिल्लाने पर युवती के घरवाले आ गए और लड़के को पकड़ लिया। इसकी शिकायत युवती के परिजनों ने संबंधित थाने से की थी, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने की बजाय उक्त युवक को एक दिन थाने में बैठा कर छोड़ दिया। जिससे उक्त युवक बौखला गया और उसने युवती को धमकी दी कि अगर वह उसकी बात नहीं मानेगी तो वह उसके बाप और भाई को मार देगा। जिससे युवती डर गई और अपने घर की छत से कूद गई जिससे उसके पैर और कमर में गंभीर चोटें आई। आरोप है कि कुछ दिन बाद उसने अपने को आग लगा ली । जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गयी । आनन-फानन में  उसके पिता ने उसको नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया जहां से उसको मेडिकल कॉलेज झांसी रेफर कर दिया गया । डॉक्टर ने बताया कि रेनू करीब 70 फ़ीसदी जल चुकी थी । कल रेनू ने उक्त घटना के सम्बन्ध में मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज कराए और देर रात उसकी मृत्यु हो गई जहां से उसके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया । पिता ने बताया कि लड़की बालिग़ होने वाली थी, उसकी शादी करनी थी और लड़की की बदनामी के कारण उस वक्त मामले को ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया था। पिता ने बताया कि वह उक्त घटना के संबंध में वह नामजद रिपोर्ट दर्ज कराएगा, लेकिन उसको संबंधित थाने से इन्साफ मिलने का भरोसा नहीं है । एक और सरकार बेटियों को लेकर बड़ी गंभीर है और इस पर विभिन्न प्रकार की योजनाएं जिलों में चल रही है इसी क्रम में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ भी योजना है l लेकिन शासन के मंसूबों को ध्वस्त करती है इस तरह की घटनाएं की प्रदेश के जिलों में आज भी बेटियां महफूज नहीं है इसका सिर्फ और सिर्फ कारण पुलिस प्रशासन को दोष देकर नहीं क्योंकि यदि 100 परसेंट पुलिस प्रशासन कार्य करने लगे तो शायद लोग बाग भगवान को भूल जाएंगे क्योंकि रामराज्य अपने आप आ जाएगा लेकिन कहीं ना कहीं समाज भी दोषी है और साथ ही साथ जिस समाज जिस जनप्रतिनिधि जिस शासन प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी उठाना चाहिए जब वही उदासीन है तो ऐसी घटनाएं इसके पूर्व में भी हो चुकी हैं और आगे पीछे भी होती रहेंगी l अब समय आ गया है कि नागरिकों को स्वयं आगे आकर बेटियों को बचाने के लिए पहल करना चाहिए क्योंकि बेटी है तो कल है और हम हैं l