आयकर की नजर में निष्क्रिय बैंक खाते, कितने जमा हुए पैसे, देनी होगी जानकारी

स्टेटमेंट टुडे न्यूज़/एजेंसी:
रायपुर। नोटबंदी के 50 दिन में सेविंग अकाउंट में 2.50 लाख से ज्यादा और करंट अकाउंट में 12.50 लाख से ज्यादा राशि वाले उपभोक्ताओं की जानकारी मांगी जा रही है। इसके साथ ही आयकर विभाग की नजर बैंकों में निष्क्रिय पड़े खातों पर भी है। आयकर विभाग ने सभी बैंकों ने उनके यहां नोटबंदी के पहले निष्क्रिय खातों में जमा पैसे और अब नोटबंदी के 50 दिनों में जमा पैसों की जानकारी मांगी है। बताया जाता है कि बैंकों को अपने निष्क्रिय खातों की जानकारी भी 20 जनवरी तक आयकर विभाग को देनी है।
बैंकिंग सूत्रों के अनुसार निष्क्रिय खाते उन्हें कहा जाता है जिनमें सालों से ट्रांजेक्शन बंद हो तथा बैंक द्वारा उपभोक्ताओं को नोटिस भेजकर केवायसी जमा करने हिदायत दी जाती है। केवायसी जमा करने के बाद ही ये खाते चालू होते हैं। बैंकों को बताना होगा कि नोटबंदी के 50 दिनों में इन खातों में कितनी राशि जमा हुई। आयकर विभाग ने इसके साथ ही यह भी कहा है कि बैंक निष्क्रिय खातों के साथ उन खातों की भी जानकारी दें, जिनमें बहुत दिनों तक कोई ट्रांजेक्शन न हुआ, लेकिन नोटबंदी के 50 दिनों में इनमें राशि जमा करने या निकालने की होड़ लग गई हो।
बैंकों के कुल खातों में 10 फीसदी होते हैं निष्क्रिय
किसी भी बैंक में अगर 25 हजार खाते हैं तो उनमें से कम से कम 10 फीसदी खाते निष्क्रिय होते हैं। इन खातों में तब तक पैसे जमा नहीं किए जा सकते, जब तक कि उपभोक्ता द्वारा दोबारा इन्हें चालू करने बैंकों में आवेदन न करें।
3 साल तक न हो ट्रांजेक्शन तो होता है निष्क्रिय
अगर उपभोक्ता द्वारा अकाउंट तो खोल लिया गया है, लेकिन 3 साल तक इसमें ट्रांजेक्शन न हो तो यह निष्क्रिय कहलाता है।
बैंकों की कैश डिपॉजिट मशीनें अभी भी खराब
बैंकों की कैश डिपॉजिट मशीनें अभी खराब बनी हुई हैं। इसकी वजह से लोगों को पैसे जमा करने में काफी तकलीफ हो रही है। इसके साथ ही अभी भी बैंकों के बहुत से एटीएम खराब पड़े हैं।
सराफा एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्तमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजे सुझाव
रायपुर सराफा एसोसिएशन ने नोटबंदी के बाद नियमों से हो रही परेशानी से निपटने छत्तीसगढ़ के केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह को सुझाव भेजा है। एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरख मालू ने बताया कि बैंकों ने मुद्रा निकासी की जो सीमा तय की है,उसकी लिमिट बढ़ानी चाहिए। डेबिट कार्ड पर लिया जा रहा शुल्क हटाया जाए। इससे लोगों को काफी राहत मिलेगी।