करोड़ों का हेर-फेर कर सहकारिता को चूना लगा रहे है सहकारी बैंक !

स्टेटमेंट टुडे न्यूज़/एजेंसी:
हनुमानगढ़। सहकारी बैंक और ग्राम सेवा सहकारी समितियों में वित्तीय अनियमितता की शिकायतों की लगातार बढोतरी हो रही है। शिकायतों की तादाद देख सहकारी बैंक को गबन का गढ़ कहें तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ के चैयरमेन ने हाल में संपन्न आमसभा में गबन में लिप्त करीब 13 सहकारी समिति के अधिकारियों व व्यवस्थापकों को अंजाम भुगतने की चेतावनी तो दे दी। लेकिन जांच कब तक पूरी होगी, इसकी अवधि अभी निर्धारित नहीं हो पाई है।
शायद इसी गफलत के कारण गबन के मामलो में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं। बैंक व समितियों के हालात ऐसे हैं कि करोड़ों की एफडीआर करवाने के बावजूद व्यवस्थापक राशि जमा नहीं करवाते। मतलब साफ है सहकारी समितियों में गबन के मामले लाखों में नहीं करोड़ों में हो रहे हैं। बैंक प्रबंधन ने हाल में वित्तीय अनियमितता की शिकायत मिलने पर करीब 13 सहकारी समितियों की जांच शुरू कर दी है। कई समितियों की जांच पूरी होने पर आरोपितों के निलंबन की कार्रवाई भी की गई है। इन समितियों की जांच सहकारी बैंक हनुमानगढ़ के अधीन जिले में मिनी बैंको में संचालित हो रहे हैं। 
ग्राम सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से गांवों में बैंकिंग व्यवस्था संचालित की जा रही है। इसमें गंधेली, ढाणी नेहरावाली, साहूवाला, नौरंदेसर, डबलीकलां, हिरणावाली, ढंढ़ेला, उम्मेवाला, मैनावाली, मिर्जावाली मेर, पक्कासारणा, दलपतपुरा, मेघाना, शेरड़ा, डूंगराना, मलसीसर, भाड़ी, नुकेरा, संतपुरा आदि सहकारी समितियों में वित्तीय अनियमितता की शिकायत पर जांच चल रही है। इनमें करीब 50 लाख से एक करोड़ रुपए के वित्तीय अनियमितता का आरोप है। ऐसे करते गड़बड़ी जिन सहकारी समितियों की जांच चल रही है। उनमें वित्तीय गड़बड़ी का आरोप है। इसमें खाद-बीज विक्रय में स्टॉक में हेरफेर, निर्धारित वेतनमान से अधिक वेतन भुगतान, कैश बैलेंस में कमी, एफडी राशि बैंक के खाते में जमा नहीं करवाना आदि सम्मिलित है। 
इसमें पल्लू सहकारी बैंक में करीब सवा दो करोड़ के गबन मामले में आरोपित एक प्रबंधक व व्यवस्थापक शामिल है। आधा दशक पहले पल्लू में फर्जी दस्तावेजों से ऋण वितरण करके बैंक को करीब सवा दो करोड़ का हानि पहुचाई। जांच के बाद आरोपितों से अधिकांश राशि हालांकि वसूली करवा ली गई है। हर्जाना भुगतना पड़ेगा अंजाम सहकारी बैंक व ग्राम सेवा सहकारी समितियों के खिलाफ शिकायत आने पर इनकी कार्यवाही की जा रही है मामलों में आरोपितों के निलंबन की कार्रवाई की है। आरोपित राजनीतिक दबाव बनाने का प्रयास भी करते हैं। लेकिन सहकारिता को नुकसान पहुंचाने वालें को अंजाम जरूर भुगतना पड़ेगा। महेंद्र पूनियां, चैयरमैन, केंद्रीय सहकारी बैंक हनुमानगढ़ करवा रहे जांच जिन- जिन शाखाओं में वित्तीय अनियमितता की शिकायतें मिल रही है, उनकी जांच करवा रहे हैं।