सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत सेवानिवृत्त कर्मी को मिले 1,60,899

Statement Today /स्टेटमेन्ट टुडे समाचार एजेंसी:
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ,जनपद शामली निवासिनी राधा रानी (सेवानिवृत्त बी0एच0डब्यू) ने सूचना अधिकार अधिनियम-2005 के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शामली को आवेदन-पत्र देकर जानकारी चाही थी कि प्रार्थिनी को सेवानिवृत्त के बाद कौन-कौन से भुगतान किये गये है, कितना भुगतान शेष बचा है, आदि से सम्बन्धित बिन्दुओं की सूचनाएं चाही थी, मगर विभाग द्वारा वादिनी को कोई जानकारी नहीं दी गयी। नियम के तहत सूचनाएं न मिलने पर वादिनी ने राज्य सूचना आयोग में अपील दाखिल कर प्रकरण की जानकारी चाही है।
राज्य सूचना आयुक्त हाफिज उस्मान ने जनसूचना अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शामली को सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा 20 (1) के तहत नोटिस जारी कर आदेशित किया कि वादिनी द्वारा उठाये गये बिन्दुओं की बिन्दुवार सभी सूचनाएं अगले 30 दिन के अन्दर अनिवार्य रूप से वादिनी को उपलब्ध कराते हुए, आयोग को अवगत कराये, अन्यथा जनसूचना अधिकारी स्पष्टीकरण देंगे कि वादिनी को सूचना क्यों नहीं दी गयी है, क्यों न उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्यवाही की जाये, परन्तु प्रतिवादी ने न तो वादिनी द्वारा उठाये गये बिन्दुओं की सूचना वादिनी को उपलब्ध करायी है, और न ही आयोग के समक्ष उपस्थित हुए है। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी जानबूझकर वादिनी को सूचना उपलब्घ नहीं करना चाहता है। इसलिए प्रतिवादी जनसूचना अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शामली को वादिनी को सूचना उपलब्ध न कराने का दोषी मानते हुए, उनके विरूद्ध आज की तिथि से रू0 250/- प्रतिदिन का अर्थदण्ड अधिरोपित किया जाता है, जो कि कुल 25000 रुपये है।
सुनवाई के दौरान डाॅ0 अशोक कुमार मुख्य चिकित्सा अधिकारी, शामली उपस्थित हुए, उनके द्वारा बताया गया है कि राधा रानी के सेवानिवृत्त के बकाये का रू0 1,60,899 भुगतान कर दिया गया है, इस आशय की जानकारी प्रतिवादी ने आयोग को दी है।