किसी दुर्घटना में हुए मौत को देख कर के दर्द तो होता है लेकिन उससे ज्यादा कहीं हृदय विदारक है दुर्घटना स्थल पर बिखरे हुए टिफिन बॉक्स लंच बॉक्स, किताबें जिसमें किसी को गुड एवं वेरी गुड मिला हुआ है

स्टेटमेन्ट टुडे / समाचार एजेंसी:
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय:

कुशीनगर दुदही रेलवे क्रॉसिंग पर हुई दुर्घटना स्थल पर  बिखरे हुए बच्चों के टिफिन बॉक्स कॉपी किताब  देख कर के आंखों से आंसू निकल पड़े उन चीजों  को देखने  पढ़ने की दोबारा आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि बच्चे काल के गाल में समा गए  इस दुर्घटना का कौन जिम्मेदार है इसको निर्धारित करना पड़ेगा सरकार इसमें क्या कर सकती हो और कर भी क्या सकती है मात्र 2लाख मुआवजे के शिवा क्योंकि हम लातों के भूत हैं बातों से नहीं  जाते क्योंकि हम हेलमेट भी पहनते हैं तो सिर्फ चालान से बचने के लिए नाकी जीवन सुरक्षा के लिए आए दिन रोड एवं ट्रांसपोर्ट विभाग गाइडलाइन जारी करते रहते हैं सुरक्षा को लेकर के लेकिन उसका पालन नहीं किया जाता है