31 मार्च के बाद कालपी का मीट कारोबार हो सकता है बंद तमाम लोग हो जाएंगे बेरोजगार

स्टेटमेंट टुडे न्यूज़
कालपी- प्रदेश में नई  सरकार आते ही तमाम प्रकार के बदलाव दिखाई दे रहे हैं। अवैध बूचड़खानों तथा अवैध मीट कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। बताया गया कि बड़े जानवरों का गोश्त बेचने के लिए मीट मार्केट में नौ लोगों के लाइसेंस बेचने के लिए बने हुए हैं। इसी प्रकार बकरे का मीट बेचने हेतु 3 लाइसेंस बने है। नगरपालिका सूत्रों को मुताबिक  कारोबारियों के लाइसेंस की वैधता 31 मार्च 2017 तक है ।और अभी तक आगे के लिए लाइसेंस  नवीनीकरण नहीं कराए जा रहे है। अगर लाइसेंस का नवीनीकरण ना हो पाया तो 31 मार्च के बाद सभी 12 लाइसेंसो को खत्म मान लिया जाएगा। और मीट कारोबार की दुकानें अवैध मानी जाएगी। इसलिए कारोबारी दुकान का संचालन नहीं कर सकेंगे।तथा इस प्रकार प्रशासन बड़ी कार्यवाही कर सकता  है। इसी क्रम में नगर में दो पशु वधशालाये निर्मित है। लेकिन दोनों में अव्यवस्था का बोल बाला है। तथा अवैध कब्जे भी है। छोटे जानवरों के काटने के लिए हरीगंज मोहल्ले में  बड़े जानवरों को काटने के लिए उधनपुरा मोहल्ले मे पालिका की पशु वधशाला बनी हुई है। दर्जनभर मीट कारोबारियों के लाइसेंस का नवीनीकरण न होने के कारण संकट का माहौल पैदा हो गया है ।समझा जाता है कि 1 अप्रैल 2017 से प्रशासन का डंडा मीट कारोबार की दुकानों के ऊपर चल सकता है। इसको लेकर तरह-तरह की चर्चाएं बनी हुई है। पालिका प्रशासन मैं अवैध बूचड़खानों को बंद करने के लिए कवायद तेज कर दी है