मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में 854 बीटीसी एवं टी.ई.टी. उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया

स्टेटमेन्ट टुडे / समाचार एजेंसी:
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोरखपुर के दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में 854 बीटीसी एवं टी.ई.टी. उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को परिषदीय प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक पद का नियुक्ति पत्र प्रदान किया। उन्होंने नवनियुक्त शिक्षकों को कर्तव्यपरायणता तथा स्वच्छता की शपथ भी दिलायी। इस मौके पर महराजगंज के 97, देवरिया के 292, कुशीनगर के 90, बस्ती के 215, सिद्धार्थनगर के 52, बहराइच के 40, अम्बेडकरनगर के 18 तथा सुल्तानपुर के 50 प्रशिक्षार्थियों को नियुक्ति पत्र दिया गया। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि मा0 उच्चतम न्यायालय एवं मा0 उच्च न्यायालय  के आदेश के बाद भी 12,460 प्रशिक्षार्थी अध्यापक पद के लिए संघर्षरत थे। बेसिक शिक्षा मंत्री की उपस्थिति में उनके प्रतिनिधिमण्डल से वार्ता हुई और इनकी दक्षता और योग्यता को ध्यान में रखते हुए इन्हें नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया। प्रदेश को योग्य शिक्षकों की आवश्यकता है। नवनियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति पत्र उनकी योग्यता के कारण दिया गया है।   
योगी ने कहा कि नवनियुक्त अध्यापकों के पास अब अपनी योग्यता को साबित करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने पूरे देश में 115 जिले अति पिछड़े चिन्हित किए हैं, जिनमें से 08 जिले उत्तर प्रदेश के हंै। नवनियुक्त अध्यापकों को इन जिलों में तैनाती दी जायेगी ताकि यह अपनी प्रतिभा और उर्जा से वहां के स्कूलों और छात्र-छात्राओं का भविष्य उज्ज्वल कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी नवनियुक्त शिक्षक संकल्प लें कि वे नौनिहालों को राष्ट्रप्रेम से ओतप्रोत शिक्षा देंगे। किताबी ज्ञान के अलावा उन्हें नैतिक शिक्षा भी देंगे। अतिरिक्त समय में निरक्षरों में साक्षरता का प्रसार करेंगे। स्कूली शिक्षा के दौरान उन्हें जो संस्कार मिले हैं, उसे वे नौनिहालों तक पहुंचायेंगे। 
योगी ने कहा कि पूर्व में बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों की दशा बेहद खराब थी। बच्चे स्कूल तो आते थे परन्तु अध्यापक नहीं। वर्तमान प्रदेश सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ संचालित किया। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2017 में 01 करोड़ 54 लाख बच्चों का स्कूलों में नामांकन हुआ। वर्ष 2018 में यह संख्या बढ़कर 01 करोड़ 64 लाख होने का अनुमान है। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सांसद, विधायक, अधिकारी, उद्योगपति, व्यापारी और समाज के प्रबुद्धजन से अपील की और उन्होंने प्राइमरी स्कूल गोद लिया। इस प्रकार एक वर्ष में 2,500 स्कूलों को आदर्श विद्यालय बनाया गया। नवनियुक्त अध्यापक इससे प्रेरणा लेकर अपने स्कूलों को आदर्श विद्यालय बनायें।
योगी ने कहा कि 27 मई, 2018 से प्रदेश में 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती के लिए परीक्षा शुरू होगी। इस अवसर पर उन्होंने महराजगंज के बृजेश, देवरिया के उमेश सिंह, सोनम, निकिता सिंह, कुशीनगर की उपासना पाण्डेय, संजय शुक्ला, बृजेश राय, बस्ती के दीपक त्रिपाठी और नेहनीता, सिद्धार्थनगर की प्रियंका, दीपशिखा, मन्नान, बहराइच की प्रतिभा सिंह, खुशबू सिंह, अम्बेडकरनगर की अलका सिंह, आफरीन, सुल्तानपुर केे त्रिवेन्द्र सिंह, मिथिलेश, अवध राय को नियुक्ति पत्र प्रदान किया। शेष नवनियुक्त अध्यापकों को बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा नियुक्ति पत्र दिया गया।
प्रदेश की बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनुपमा जायसवाल ने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता है। सभी नवनियुक्त शिक्षक संकल्पबद्ध होकर कार्य करें ताकि नई पीढ़ी को बेहतर शिक्षा मिले। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था में सुधार हो, जिससे प्रदेश का समुचित विकास हो सके।
पूर्व में, मुख्यमंत्री एवं अतिथियों ने माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर तथा दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारम्भ किया। धन्यवाद ज्ञापन बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम सिंह ने किया। इस अवसर पर महापौर सीता राम जायसवाल, विधायक डाॅ0 राधामोहन दास अग्रवाल, विपिन सिंह, शीतल पाण्डेय, कृषि उत्पादन आयुक्त राज प्रताप सिंह, मण्डलायुक्त अनिल कुमार सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।