महिलाओं को आगे बढाने को आरक्षण की दरकार

महिलाओं को आगे बढाने को आरक्षण की दरकार
कोंच-उरई – महिला हितों की पैरोकारी करने बाले प्रमुख संगठन गुलाबी गिरोह की शीर्ष कमांडर अंजू शर्मा ने कहा है कि अब बातों से नहीं बल्कि धरातल पर महिलाओं की बेहतरी के प्रयास होने चाहिये। महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने की बात राजनैतिक दल करते हैं लेकिन कभी भी इस दिशा में सार्थक प्रयास नहीं किये गये जिससे महिलायें आज भी सत्तर साल पीछे जीने को मजबूर हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संगठन की आधा सैकड़ा महिलाओं ने तहसीलदार भूपाल सिंह को ज्ञापन देकर महिलाओं की स्थिति की ओर ध्यान खींचने का प्रयास किया है।
गुलाबी गिरोह की शीर्ष कमांडर अंजू शर्मा की अगुवाई में अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर तकरीबन आधा सैकड़ा गुलाबी गिरोह की महिलायें गुलाबी साडियों में लिपटी और हाथों में हॉकी लिये नारेबाजी करतीं तहसील पहुंचीं। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को देकर कहा कि महिला सशक्तिकरण को लेकर शासन और प्रशासन के स्तर से जो भी प्रयास किये जाते हैं वे मात्र औपचारिकताओं में सिमट कर रह जाते हैं, आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी महिला आज भी अपने अस्तित्व को लेकर हाशिये पर खड़ी है और उनकी स्थिति में कोई बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ है। महिलाओं को कम से कम 33 फीसदी आरक्षण हर क्षेत्र में देकर ही उसे सामाजिक और राजनैतिक रूप से सक्षम बनाया जा सकता है। महिला की शिक्षा दीक्षा की भी समुचित व्यवस्था हो और उसे स्वावलंबन की दिशा में प्रोत्साहित करके ही उसे वास्तविक रूप में सशक्त किया जा सकता है। इस दौरान अंजू शर्मा, प्रवेश कुमारी, राजकुमारी, धनकुरा, रश्मि, ज्ञानवती, रामकली, सोमवती, मुन्नीदेवी, कुंती, कांति, सुशीला, सुनीता, नीलम, लक्ष्मी, रानी, ऊषा, भगवती, विमला, रंजीता, गोमती, गौना, बन्नो, सरोज आदि मौजूद रहीं। इधर, महिला गोष्ठी का आयोजन यहां मुरली मनोहर मंदिर में भी हुआ जिसमें महिला शिक्षा पर जोर दिया गया। मीरादेवी की अध्यक्षता और डॉ. नीता रेजा के मुख्य आतिथ्य व भगवती सोनी के विशिष्ट आतिथ्य में संयोजित इस गोष्ठी में मुख्य अतिथि ने कहा कि जब बालिकायें अपना घर छोड़ कर दूसरे घरों में जाती हैं तो अपने साथ ढेर सारी संस्कृतियां भी लेकर जाती हैं, ऐसे में उन्हें प्यार और स्नेह की आवश्यकता होती है ताकि वे एक नई संस्कृति की संवाहक बन सकें। अंजली सोनी ने कहा कि हम आधुनिक युग में जीने का दंभ भले ही भरते हों, आज भी बालिका शिक्षा को लेकर अभिभावकों की सोच दोयम दर्जे की है। इस संकुचित मानसिकता से उबर कर बच्चियों को भी अच्छी शिक्षा दिलाने की जरूरत है। इस दौरान मनीषा चंदेरिया, अनीता सोनी, नीलम सोनी, रेनू, प्रभा, गीता, सरिता, रेखा, उमा, अंशू, माधुरी, अर्चना, नेहा आदि मौजूद रहीं। संचालन अंजली सोनी ने किया। मंदिर कमेटी के अध्यक्ष चतुर्भुज चंदेरिया, अनिल कपूर, कौशल, पुष्पांक सोनी, संजय सिंघाल आदि व्यवस्थाओं में लगे थे। परिवार संस्कार समिति ने भी हमारी बलिकायें और आज की शिक्षा बिषय को लेकर गोष्ठी का आयोजन सुमन द्विवेदी की अध्यक्षता और अर्चना सोनी के मुख्य आतिथ्य में किया गया जिसमें डॉ. नीता रेजा, अनीता सोनी, मीरा बेहरे, मनीषा चंदेरिया, संतोषी सिंह, कृष्णा झा, कृष्टीना, शिखा, रेखा, अनीता, लक्ष्मी, प्रार्थना, डॉ. सरोज, इंदिरा सोनी, हेम प्रभा, सहित लगभग तीन दर्जन महिलाओं ने विचार रखे।

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