अमेरिका में भी मोदी फैसले के आगे चुनाव पड़ा फीका, बता रहे नई क्रांति का आगाज

Statement Today6 years ago129641 min
स्टेटमेंट टुडे न्यूज़ / एजेंसी :
जयपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काला धन पर लगाम कसने की ओर उठाए गए कदम के बाद अमेरिका में भी चुनावी चर्चा को फीका कर दिया है। वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों में बल्कि आम अमेरिकी नागरिकों में भी मोदी के फैसले को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। क्या पड़ा असर, पूरी दुनिया में क्यों है चर्चा…
– असल में भारत के अलावा भारतीयों की बड़ी संख्या अमेरिका के साथ-साथ दुनिया के बड़ी संख्या में देशों में रहती है।
– अमेरिका में सबसे ज्यादा चर्चा मोदी को लेकर इसलिए है क्योंकि अमेरिका में चल रहे चुनावों को लेकर पिछले काफी समय से राष्ट्रपति पद के दोनों उम्मीदवारों के बीच भारत से संबंध कैसे होंगे, इसके मुद्दे काफी अहम रहे।
– अब चूंकि अचानक मोदी ने भारत की इकॉनॉमी और काले धन को इफेक्ट करने वाला एक बड़ा फैसला किया है, जिस पर अमेरिका में भी चर्चा गर्म हो गई है।
– अमेरिका में रह रहे भारतीय व जयपुर फुट यूएसए के चेयरमैन प्रेम भंडारी ने मोदी के फैसले पर प्रतिक्रिया दी है।
कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक
– प्रेम भंडारी का 63 सदस्यों के परिवार में से सभी ने अमेरिकी की नागरिकता ले ली है, लेकिन भंडारी ने नहीं ली।
– भंडारी का कहना है कि जिस तरह से मोदी ने 1000 और 500 रुपए के नोटों को बंद करने का फैसला किया है, वह कोई बड़े जिगर वाला ही कर सकता है।
– यह केवल कहने भर की बात नहीं है, बड़ा फैसला है, जो आर्थिक रूप से भारत को समृद्ध करने की सर्जिकल स्ट्राइक है।
– भंडारी ने कहा कि जिस तरह से मोदी काम कर रहे हैं, उससे लगता है कि भारत सोने की चिड़िया फिर से बनने जा रहा है।
चुनावों पर यूं पड़ेगा असर
– भंडारी ने कहा कि सभी दल चुनावों से पहले काफी पैसा इकट्ठा करती हैं और चुनावों को प्रभावित करने के लिए उस काले धन का उपयोग करती हैं।
– यूपी के चुनावों की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए भंडारी ने कि न तो अब दलों के पास दो नंबर का पैसा होगा और न ही वे आधी रात को उस पैसे को बांट सकेंगे।
– इससे चुनावों पर भी खास असर पड़ने वाला है।