प्रदेश में 10 लाख लोगों को दी जाएगी कैशलेस की ट्रेनिंग

स्टेटमेंट टुडे न्यूज़ / एजेंसी:

रायपुर छत्तीसगढ़ को कैशलेस बनाने की शुरुआत शुक्रवार से हो रही है। शुक्रवार को राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस में मास्टर ट्रेनर्स के पहले बैच को ई बैंकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। चिप्स के अफसरों ने प्रदेश के हर जिले में दस मास्टर ट्रेनर व हर ब्लॉक में एक मास्टर ट्रेनर तय कर लिया है। इस महीने दस लाख लोगों को कैशलेस अभियान से जोड़ा जाएगा।

अगले महीने तक 15 लाख युवा डिजिटल छत्तीसगढ़ के ब्रांड एंबेसडर होंगे। अगले दो महीने में छत्तीसगढ़ में ई पेमेंट को अधिकतम स्तर तक ले जाने के लिए सरकार ने सारे संसाधन झोंक दिए हैं। छत्तीसगढ़ कैशलेस होगा, हालांकि यह पूरी तरह कब हो पाएगा, यह बताने की स्थिति में अभी सरकार भी नहीं है। अफसरों ने कहा कि इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।

छत्तीसगढ़ को कैशलेस बनाने के लिए सरकार ने कुल 13 लाख लोगों को ई बैंकिंग की ट्रेनिंग देने का विस्तृत प्रोग्राम बनाया है। पहले चरण में शुक्रवार को दो सौ मास्टर ट्रेनर्स को ई बैंकिंग के बारे में बताया जाएगा। चिप्स के अधिकारी उन्हें प्रेजेंटेशन के माध्यम से तकनीकी जानकारी देंगे। इसमें सरकारी कर्मचारी, छात्र, दुकानदार, उद्योगों में काम करने वाले, ग्रामीण, किसान आदि सभी वर्ग के लोग शामिल हैं।

सरकार ने गांवों में 11 हजार कॉमन सर्विस सेंटर खोलने की योजना भी बनाई है। इनमें ग्रामीणों को उनकी जरूरत का भुगतान ऑनलाइन मिल सकेगा। कैशलेस अभियान के तहत प्रदेश के सभी लोगों के आधार कार्ड को बैंकों से लिंक करने का काम भी किया जा रहा है। अब तक करीब 60 फीसदी आधार कार्ड लिंक हो चुके हैं।

ई पेमेंट के छह तरीके

चिप्स के सीईओ अलेक्स पॉल मेनन ने नईदुनिया से कहा कि ई पेमेंट के छह तरीके हैं, जिनकी ट्रेनिंग मास्टर ट्रेनर्स को दी जाएगी। हर जिले में कम से कम दस लोगों को 31 दिसंबर तक मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एमएमडी, यूएसएसडी, मोबाइल मनी, ई वॉलेट, डिजिटल कार्ड और अपना धन जैसे ई प्रोग्राम से पेमेंट का तरीका ट्रेनर्स को बताया जाएगा।

इस महीने दस लाख और अगले महीने कम से कम तीन लाख लोगों को ई बैंकिंग की ट्रेनिंग दी जाएगी। रिमोट इलाकों में नेटवर्क बढ़ाने का अभियान भी चल रहा है। अमित अग्रवाल, सचिव वित्त विभाग