नोटबंदी के 28 दिनों में 24 गुना तक पहुँच गई बैंकों में जमा राशि !

स्टेटमेंट टुडे न्यूज़ / एजेंसी:

रायपुर ! प्रदेश के बैंकों में 28 दिनों में जमा राशि बढ़कर 24 गुना हो गई है। 27 अक्टूबर को प्रदेश के बैंकों में 500 करोड़ रुपए जमा थे और आज (24 नवंबर) 12 हजार करोड़ रुपए जमा हैं। नोटबंदी ने बैंकों में जमा राशि बढ़ा दी है, क्योंकि घरों में जमा कर रखे गए रुपए बैंकों में आ गए।

केंद्र सरकार ने 8 नवंबर की मध्यरात्रि से 500 व 1000 के नोटों का चलन बंद करने की घोषणा की। 9 नवंबर को बैंक व एटीएम दोनों बंद रहे। 10 नवंबर से 500 व 1000 के नोट जमा करने बैंकों में लोगों की लाइन लगनी शुरू हो गई। इन पंद्रह दिनों में लोग नकदी जमा करने के साथ ही पैसे भुनाने के लिए कई हथकंडे अपनाए।

नोटबंदी को एक पखवाड़ा बीत चुका है। बैंकों में अब लंबी लाइन नहीं दिख रही है, न बाजार में अफरा-तफरी का माहौल नजर आ रहा है। बैंकिंग सूत्रों के अनुसार 10 नवंबर से लेकर 24 नवंबर तक पैसे ज्यादा जमा हुए।

बैंक अफसर हर समय अलर्ट 

नोटबंदी के चलते इन दिनों बैंक अफसर हर वक्त अलर्ट रहते हैं। आरबीआई या शासन के निर्देश के अनुसार वे हर घड़ी खुद को अपडेट कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को कम से कम दिक्कत हो, इसके लिए उन्हें प्रीपरेशन करना पड़ रहा है। 10 नवंबर से लेकर आज तक की स्थिति में रोजाना बैंकों को ट्रांजेक्सन, निकासी, शादी के लिए आवेदन व अन्य चीजों की जानकारी अपने हेड ऑफिस भेजनी पड़ रही है। इतनी जानकारी भेजने के बाद उन्हें हेड ऑफिस से नया आदेश मिलने की प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। नए आदेश के अनुसार तुरंत अपडेट हुआ जा रहा है।

बैंक अफसरों का कहना है कि उन्हें इस बात के लिए जोर दिया जा रहा है कि किसी भी स्थिति में मार्केट में नकदी की कमी न हो। किसी भी प्रकार से कोई भ्रामक समाचार लोगों के बीच न फैले। अगर कोई उपभोक्ता जानकारी के लिए आता है तो तुरंत उसे उपलब्ध कराई जाए। इस पर भी जोर देने के लिए कहा जा रहा है कि सभी उपभोक्ताओं के पास चिल्लर समान रूप से पहुंचे। कोई भी ज्यादा चिल्लर लेकर उसका गलत इस्तेमाल न करे।

500 के नोट मिलने लगे कुछ बैंकों में उपलब्ध

राजधानी में 500 के नोट का इंतजार गुरुवार को खत्म हो गया। कुछ बैंकों में 2000, सौ के नोट के साथ 500 के नोट भी उपलब्ध कराए गए। अन्य बैंक भी शुक्रवार से 500 के नोट उपलब्ध कराने की तैयारी में हैं। अभी तक 2000 के नोट उपलब्ध होने के कारण चिल्लर के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चिल्लर की कमी के कारण उपभोक्ता मनपसंद खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं।

बैकों में ऐसे आई नकदी 
  • – 10 नवंबर को 1500 करोड़ जमा
  • – 11 नवंबर को दो दिनों में 2800 करोड़ जमा
  • – 12 नवंबर 3 दिनों में 4500 करोड़ जमा
  • – 14 नवंबर चार दिनों में 6000 करोड़ जमा

इसके बाद लोग पैसे खपाने के नए-नए तरीके ईजाद करने लगे। नकदी जमा करने के साथ ही पैसे निकालने व एक्सचेंज करने में भी तेजी आई।

नकदी जमा ने इस प्रकार लिया यूटर्न 
  • – बैंकों में नकदी जमा के साथ ही बड़े-बड़े कर्जदार बैंकों में अपना लोन पटाने लगे।
  • – लोन का प्री-पेमेंट, कर्मचारियों को एडवांस सैलरी दे दी गई।
  • – 8 नवंबर की रात 12 बजे से पहले ज्वेलरी के साथ दूसरी चीजें खरीदी।
  • – एडवांस में एलआईसी प्रीमियम भी भर दिए।