छत्तीसगढ़ः ‘गौ माता’ पर बीजेपी-कांग्रेस में छिड़ा सियासी संग्राम

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी:
अब्दुल बासित / ब्यूरो मुख्यालय : गायों की मौत के विरोध में कांग्रेसियों ने सीएम हाउस में गाय छोड़ने की कोशिश में ताकत झोंक दी। पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने गायों के साथ अंबेडकर चौक के पास जमकर प्रदर्शन किया। 
पुलिस के साथ झूमाझटकी भी हुई। बाद में पीसीसी चीफ समेत सभी कार्यकर्ता गिरफ्तार कर लिए गए। दूसरी ओर जयस्तंभ की ओर से आ रहे युवा कांग्रेसी कड़ी सुरक्षा के बावजूद राजभवन की ओर भागने में कामयाब रहे। 
पुलिस कांग्रेसियों को दौड़ाती रही, लेकिन कार्यकर्ता नहीं रुके। गायों को लेकर आने की वजह से घड़ी चौक, शास्त्री चौक, कलेक्टोरेट समेत आधा दर्जन सड़कों पर तीन घंटे तक अफरातफरी का माहौल रहा।
अलग अलग समुहों में पहुंचे कांग्रेसी तीन घंटे तक पुलिस को छकाते रहे। कांग्रेस ने चार स्थानों अंबेडकर चौक, नेताजी होटल कटोरातालाब, भगतसिंह चौक और कालीमाता मंदिर में पाइंट बनाया था। 
इन्हीं स्थानों के पास गायों को खुफिया ठिकानों में रखा गया था। मालवीय रोड से पीसीसी चीफ भूपेश बघेल, पूर्व अध्यक्ष धनेंद्र साहू, पूर्व मंत्री सत्यनारायण शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेसी जयस्तंभ चौक की ओर आगे बढ़े। 
इस बीच पुलिस ने रोकने की कोशिश भी की, लेकिन कांग्रेसी आगे बढ़ गए। अंबेडकर चौक में पुलिस ने कांग्रेसियों को रोकने का इंतजाम किया था। वहां कांग्रेसियों की पुलिस के साथ जमकर झड़प हुई।
अफरातफरी से गाय परेशान
कांग्रेसियों का प्रदर्शन गाय के लिए था, लेकिन इसमें सबसे अधिक गाय परेशान होती नजर आईं। रस्सी से बांधकर खींचने की अफरातफरी में दो गाय बेहोश हो गई। भगत सिंह चौराहे पर रस्सी खींचने से गायों को सांस लेने में तकलीफ होता देखकर कांग्रेसी पुलिस पर भड़क उठे। बाद में नेताओं ने गायों को वापस भेजने का इंतजाम किया।
विकास और पुलिस की आंखमिचौली
अंबेडकर चौक में कांग्रेसियों की पुलिस से झूमाझटकी चल ही रही थी। इसी बीच शहर कांग्रेस अध्यक्ष विकास उपाध्याय पुलिस को चकमा देकर पीसीसी चीफ भूपेश बघेल के बंगले पहुंच गए। वहां और टीएस सिंहदेव के निवास में रखी गई गायों को लेकर कार्यकर्ताओं के साथ सीएम हाउस जाने लगे। इस बीच एक बार फिर भगत सिंह चाैक पर झूमाझटकी हुई। सभी कार्यकर्ता गिरफ्तार किए गए।
प्रदेशभर में हुई गिरफ्तारी
कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने बताया, दुर्ग ग्रामीण के कार्यकर्ताओं ने सिविक सेंटर से गायों के साथ मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय व रमशीला साहू के निवास की ओर कूच किया। बिलासपुर में कांग्रेसी गायों के साथ मंत्री अमर अग्रवाल के निवास की ओर बढ़े। राजेन्द्र नगर चौक पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। महासमुंद, राजनांदगांव, सरगूजा, मुंगेली, कोरबा, रायगढ़, में कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपा गया।
घटना के लिए सरकार जिम्मेदार: भूपेश
पीसीसी चीफ भूपेश बघेल ने कहा, गायों की मौत के लिए सीधे तौर पर सरकार जिम्मेदार है। कमीशनखोरी के चक्कर में सरकार ने गायों की जान ले ली। उन्होंने गायों के चारे में घोटाले का आरोप लगाते हुए पशुपालन मंत्री से इस्तीफे की मांग की। पीसीसी चीफ ने गायों के मुद्दे पर लगातार आंदोलन का ऐलान किया।
ये रहे मौजूद
सांसद छाया वर्मा, विधायक गिरवर जंघेल, अमरजीत भगत, तेजकुंवर नेताम, चुन्नीलाल साहू, दिलीप लहरिया, उमेश पटेल, मेयर प्रमोद दुबे, शारदा वर्मा, अग्नि चन्द्राकर, लेखराज साहू, कुलदीप जुनेजा, गिरीश देवांगन, नारायण कुर्रे, ज्ञानेश शर्मा, शैलेश नितिन त्रिवेदी, चन्द्रशेखर शुक्ला, दौलत रोहरा, सुशील आनंद शुक्ला, घनश्याम राजू तिवारी, मोहम्मद इम्तियाज, प्रमोद चौबे, सुनील सोनी, एजाज ढेबर, सतनाम पनाग समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।