चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं : सिद्धार्थ नाथ सिंह

Statement Today
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह जी ने नीति आयोग द्वारा चिन्हित उत्तर प्रदेश के 8 महत्वाकांक्षी जनपदों में स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सा सुविधाओं की प्रगति समीक्षा करते हुए कतिपय जनपदों की स्थिति संतोषजनक न होने पर सम्बंधित मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि अपर निदेशक एवं संयुक्त निदेशक माह में कम से कम 2 बार आवंटित जनपदों का दौरा करें और निर्धारित प्रारूप पर विस्तृत रिपोर्ट मिशन निदेशक को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य एवं कुपोषण की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काफी काम किया गया है जिसका परिणाम यह है कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में पहले से काफी सुधार हुआ है। 
सिद्धार्थ नाथ सिंह स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आज योजना भवन में आयोजित समीक्षा बैठक में नीति आयोग द्वारा चिन्हित उत्तर प्रदेश के 8 महत्वाकांक्षी जनपदों के अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी जनपदों में पहले चिकित्सकों की तैनाती 50 फीसदी से भी कम थी जिसे बढ़ाकर 80 फीसदी डॉक्टर्स की तैनाती सुनिश्चित की गई है। सिद्धार्थ नाथ सिंह ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे आवंटित महत्वाकांक्षी जिलों में दवाइयों की उपलब्धता, स्पेशलिस्ट चिकित्सक, एम्बुलेंस सर्विस, आशा कार्यकत्रियों का सही ढंग से प्रशिक्षण जैसे प्रमुख विषयों पर समीक्षा करते हुए रिपोर्ट मुख्यालय को प्रेषित करेंगे। साथ ही निर्धारित लक्ष्य को हर हाल में प्राप्त करने के लिए स्वास्थ्य सेवाओं एवं योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। उन्होंने सभी मुख्य चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए कि संचालित योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी पारदर्शिता से सुनिश्चित किया जाए, जिससे आम जनता को योजनाओं का पूरा फायदा मिले। 
समीक्षा बैठक के दौरान सिद्धार्थ नाथ सिंह ने बताया कि सभी महत्वाकांक्षी 8 जनपदों में प्रस्तावित 50 हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर क्रियाशील किये जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि मिशन इन्द्रधनुष योजना के अंतर्गत सघन अभियान चलाकर सभी महत्वाकांक्षी 8 जनपदों के 5130 गांवों में 1 लाख 36 हजार 200 बच्चों एवं 44 हजार 589 गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि नीति आयोग ने बलरामपुर जनपद को 54 रैंकिंग दी है जबकि पहले यह रैंकिंग 104 थी. इसी प्रकार नीति आयोग ने सिद्धार्थ नगर को 12 रैंकिंग दी है जबकि पहले यह रैंकिंग 105 थी।
 समीक्षा बैठक में सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य वी. हेकाली झिमोमी, मिशन निदेशक पंकज कुमार, विशेष सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. नीरज शुक्ला, महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य पद्माकर सिंह, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक एवं महत्वाकांक्षी जनपदों के मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी गण उपस्थित थे।