दीनदयाल उपाध्याय की 102वीं जयन्ती पर कार्यक्रम का आयोजन

Statement Today
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, आज दिनांक 25 सितंबर 2018 को किगं जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के सेल्बी हाल मे पं0दीनदयाल उपाध्याय की 102वीं जयन्ती पर एकात्म मानववाद एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य में अन्त्योदय की भूमिका  के विषय पर आधारित कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने किया। इस कार्यक्रम में लोकसभा के सदस्य हुकुम नारायण यादव ने भी विचार व्यक्त किये। इस अवसर पर चिकित्सा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो0 एम0एल0बी0भट्ट एवं आचार्य राज करण सिंह सहित अन्य प्रोफेसर व चिकित्सक छात्र मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश विधान सभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लागू की गयी आयुष्मान भारत योजना समाज के अन्तिम व्यक्ति को चिकित्सा सुविधा प्राप्त कराए जाने के उद्देश्य से लाई गयी है। आम आदमी को अमीरों जैसी सुविधा उपलब्ध कराए जाने का पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी का सपना था। पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी के अन्त्योदय दर्शन में समाज के अन्तिम व्यक्ति को प्रत्येक प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने का दृष्टिकोण और सपना था।
हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि उपाध्याय जी के सपने के अनुसार अनेक योजनाएं चल रही है। उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में उपाध्याय जी के सपने को साकार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है। इस योजना में देश की 40 प्रतिशत यानी 50 करोड़ की जनसंख्या को 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य उपचार की सुविधा उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने मेडिकल कालेजों के आचार्य और शिक्षकों से अपील की कि वे इस योजना को अपने-अपने स्तर से लागू कराने में सक्रिय योगदान दें व पं0दीन दयाल उपाध्याय के एकात्म मानव दर्शन की व्याख्या करते हुए हृदय नारायण दीक्षित ने कहा की गरीबों को हर तरह से सम्पन्न बनाया जाना पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी का सपना था। इसे साकार करने में सभी लोग सहयोग करें।