सुशील मोदी मुजफफरपुर की धटना पर चुप क्यों : बिहार कांग्रेस

स्टेटमेन्ट टुडे /Statement Today / समाचार एजेंसी:
इम्तियाज़ अहमद /रिपोर्टर: पटना,जफफरपुर बालिका अल्पावास गृह काण्ड में अब तक बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी की चुप्पी बरकरार हैं जो खुद में बहुत ही रहस्यमय प्रतीत हो रहा हैं । आखिर क्या कारण हैं कि छोटी .छोटी धटनाओं पर प्रे्रस कांफ्रेन्स कर निन्दा करने वाले सुशील मोदी इस हैवानियत के सबसे बड़े महा पाप पर खामोश क्यों हैं । अभी तक उन्होने इस मसले पर टिप्पनी क्यों नहीें   की हैं।  आम जनता जानना चाहती हैं कि शुसील मोदी आखिर इस काण्ड में  पीड़ित लड़कियों के प्रति संवेदनशील क्यों नहीं है। उपरोक्त बातें  बिहार प्रदेश कांग्रेस  के प्रवक्ता राज्ेाश राठौर ने आरोप लगाते हुए कहा ।
राठौड़ ने कहा कि मुजफफरपुर की यह महापाप धटना पुरे विश्व में सर्वाधिक शर्मनाक धटनाओं में एक है ।  हालांकि सरकार ने व्यापक जनण् दबाव ए विपक्षी पार्टीयों के अक्रामक रवैया तथा पटना उच्च न्यायालय के डर से इस मामले को सी0बी0आई0 जाॅच के लिए अनुशंसित तो कर दिया हैं । मगर ऐसा लगता हैै कि सरकार इस मामले को दबाना चाहती हैं। क्योंकि स्वयं बिहार के डी0जी0पी0 ने सी0बी0आई0 जाॅच से इनकार किया था । जबकि ठीक उससे अगले ही दिन पुरे देश में ऐसा जन आक्रोश व्याप्त हुआ और उस जनण् आक्रोश से डर कर बिहार सरकार ने तुरन्त अपना फैसला बदलते हुए सी0बी0आई जाॅच के लिए अनुशंसा कर दी ।
आगे राठौड़ ने सरकार पे आरोप लगाते हुए कहा कि बगैर सरकारी तंत्र के सहयोग के बिना इतना बडा़ कुकर्म को अन्जाम नहीं दिया जा सकता था । कहीं ना कहीं यह पुरी तरह से सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचारए गैर जिम्मेदाराना रवैया के कारण मुजफफरपुर बालिका गृह में उन सभी लड़कियों को नारकीय उत्पीड़न का शिकार होना पड़ा । भाजपा के प्रदेश स्तर केे किसी बड़े नेता ने इतने बड़े महापाप पर अपना मुुह खोलकर निन्दा करना भी जरूरी नहीं समझा । भाजपा ेके मंत्री आरोप लगाऐ जाने पर नोटिस बाजी तो कर रहें है  मगर 39 लड़कियों के प्रति सहानुभुति के  दो शब्द बोल पाना उनके लिए मुश्किल लग रहा हैं । इन सब बातोें से पता चलता  हैं कि कहीं न कहीं भाजपा के अधिकांश नेता मजबुर किये गयंें हैं इस धटना पर मुॅह ना खुलने के लिए नही ंतो अभी तक भाजपा के बयान बहादुरों का इस मामले पर बयान आ चुका होता।  अब यह तो यक्ष प्रशन हेै कि आखिर भाजपा के जिला से लेकर प्रदेश स्तर तक के नेता एवं स्वयं बयानों कें लिए विख्यात सुशील मोदी खमोश क्यों हैं ।