गोपाल दास ‘नीरज’ के निधन से हिन्दी साहित्य के एक युग का अवसान हो गया है

स्टेटमेन्ट टुडे /Statement Today / समाचार एजेंसी:
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ,उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री राम नाईक ने पद्म भूषण से सम्मानित हिन्दी के अत्यन्त विख्यात कवि एवं गीतकार श्री गोपाल दास ‘नीरज’ के निधन पर दुःख व्यक्त किया है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि उत्तर प्रदेश में जन्में गोपाल दास नीरज अत्यन्त लोकप्रिय कवि एवं गीतकार थे जिन्होंने पाँच दशक से अधिक वर्षों तक मंच पर काव्य पाठ किया। गोपाल दास ‘नीरज’ जी से वे व्यक्तिगत रूप से परिचित थे तथा अनेक अवसरों पर उनको सुनने का अवसर प्राप्त हुआ था। वे अत्यंत व्यवहार कुशल एवं अपने क्षेत्र में अद्वितीय थे। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से 1991 में तथा ‘पद्म भूषण’ से 2007 में सम्मानित किया गया था। गोपाल दास ‘नीरज’ का निधन हिन्दी साहित्य की अपूरणीय क्षति है। स्व0 गोपाल दास ‘नीरज’ अपनी कालजयी रचनाओं से सदैव स्मृतियों में जीवंत रहेंगे। राज्यपाल ने कहा कि गोपाल दास ‘नीरज’ के निधन से हिन्दी साहित्य के एक युग का अवसान हो गया है। राज्यपाल ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए दुःखी परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।