गोरखालैंड पर चर्चा के लिए राजी नहीं हुई ममता बनर्जी !

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी:
अब्दुल बासित / ब्यूरो मुख्यालय : कोलकाता, पश्चिम बंगाल सरकार ने मंगलवार को अलग गोरखालैंड राज्य की मांग पर चर्चा से इनकार कर दिया। मंगलवार को सर्वदलीय बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहाड़ी संगठनों से नॉर्थ बंगाल हिल्स में जारी बेमियादी बंद वापस लेने का अनुरोध किया। गोरखालैंड पर किसी तरह की चर्चा से इनकार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मामला राज्य सरकार के क्षेत्राधिकार में नहीं आता है। नबाना में राज्य सचिवालय में हुई बैठक के बाद ममता बनर्जी ने कहा,उन्होंने गोरखालैंड की मांग उठाई है लेकिन हम इस मसले पर सहमत नहीं है। हमने कहा है कि यह हमारे हाथ में नहीं है और हम इस पर चर्चा नहीं कर सकते। आप अपनी आवाज उठा सकते हैं ये आपका लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन राज्य सरकार का अपना क्षेत्राधिकार और कुछ संवैधानिक बाध्याताएं हैं। 
मीटिंग में गोरखा जनमुक्ति मोर्चा सहित हिल्स की प्रमुख पार्टियां शामिल हुई। मुख्यमंत्री ने कहा,हम उनसे बेमियादी बंद को वापस लेने का अनुरोध करते हैं। बंद लंबे समय से चल रहा है। स्थानीय लोगों की पीड़ा को ध्यान में रखते हुए वे क्षेत्र में नॉर्मल्सी बहाल करें। मीटिंग में हर कोई सहमत था कि शांति और नॉर्मल्सी बहाल होनी चाहिए। उन्हें अपना वक्त लेने दीजिए। उन्हें अपनी पार्टियों के बीच चर्चा करने दीजिए और फैसला लेने दीजिए। जब मीडिया ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि क्या मीटिंग में पहाड़ी दलों ने मजबूती से गोरखालैंड की डिमांग उठाई तो उन्होंने कहा, इस तरह के सवाल खड़े कर स्थिति को और खराब मत कीजिए। यह पहाड़ी दलों व राज्य सरकार के बीच द्विपक्षीय मीटिंग थी। वे हमें केन्द्र को सिफारिश करने के लिए कह सकते हैं क्योंकि यह हमारे हाथ में नहीं है। लेकिन हम ऐसा नहीं कर सकते। 
उन्होंने त्रिपक्षीय वार्ता के लिए नहीं कहा था लेकिन उन्होंने अपनी मांग हम तक पहुंचाई है। ममता बनर्जी ने चर्चा को अच्छा,सकारात्मक और रचनात्मक बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गतिरोध खत्म करने के लिए संवाद सतत प्रक्रिया है। गतिरोध की स्थिति को खत्म करने के लिए संवाद लगातार होना चाहिए। यह अच्छा है कि प्रोसेस शुरू हुआ है। हमारा इंटरेक्शन लगातार जारी रहेगा।