उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सरकार के बढ़ते कदम

Statement Today अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय:  लखनऊ, सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में तीव्रता से सम्पूर्ण विश्व एक वैश्वीकृत ग्राम का रूप धारण करता जा रहा है। परम्परागत मूल्यों एवं मान्यताओं में परिवर्तन का प्रभाव शिक्षा तथा विशेष रूप से उच्च शिक्षा पर पड़ा है। शिक्षा मानव व्यक्तित्व के निर्माण में विनियोजन तथा व्यक्ति के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के निर्माण एवं विकास की आधारशिला है। उच्च शिक्षा ज्ञानार्जन, विश्लेषण, शोध और अनुप्रयोग की प्रविधियों...

‘भारत माँ’ ने अपने सबसे प्यारे बेटे अटल को खोया है : डा. जगदीश गाँधी

Statement Today / स्टेटमेन्ट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, सिटी मोन्टेसरी स्कूल, लखनऊ के प्रधान कार्यालय पर सी.एम.एस. संस्थापक डा. जगदीश गाँधी, डा. भारती गाँधी व सी.एम.एस. के कार्यकर्ताओं ने आज भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके प्रेरणादायी जीवन को याद किया। सी.एम.एस. प्रधान कार्यालय पर सभी कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर परमपिता परमात्मा से अटल जी की आत्मा की शान्ति की...

जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दे भौगोलिक सीमाओं से बंधे हुए नहीं होते हंै!

स्टेटमेन्ट टुडे / Statement Today / समाचार एजेंसी:  5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस  अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र संघ की चेतावनी:- मार्च 2014 में संयुक्त राष्ट्र की एक वैज्ञानिक समिति के प्रमुख ने चेतावनी दी है कि अगर ग्रीनहाउस गैसों का प्रदूषण कम नहीं किया गया तो जलवायु परिवर्तन का दुष्प्रभाव बेकाबू हो सकता है। ग्रीनहाउस गैसें धरती की गर्मी को वायुमंडल में अवरुद्ध कर लेती हैं, जिससे वायुमंडल का तामपान...

8 मार्च ‘महिला दिवस’ पर विशेष, “महिला के चार स्वरूपों को पहचानिए”

स्टेटमेन्ट टुडे / समाचार एजेंसी: ब्यूरो मुख्यालय/लखनऊ: आज महिला दिवस है, अनेक कार्यक्रम होंगे, सेमीनार होगी, चर्चा और परिचर्चायें होंगी। महिलाओं को अबला कहकर उन पर तरस खाया जायेगा, उनके उत्थान के लिए लम्बी-चैड़ी बातें होगी, आरक्षण देने पर लम्बे भाषण होंगे, बस! इसी के साथ महिला दिवस सम्पन्न हो जायेगा। लेकिन प्रश्न यह है कि क्या वास्तव में ही महिला अबला है? क्या वास्तव में ही नारी कमजोर है? नहीं नहीं, कदापि नहीं! पुरुष को जन्म देने वाली नारी,...

यह अकेलापन कहाँ ले जाएगा हमारे नौनिहालों को

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासित/ब्यूरो मुख्यालय: आज बच्चे एकाकी जीवन जी रहे हैं। उनके इस एकाकी जीवन का सहारा केवल कम्प्यूटर, फेसबुक, यूट्यूब, टीवी आदि बन चुके हैं। हम सभी जानते हैं कि यह बच्चों को क्या परोस रहे हैं और क्या दे रहे हैं, साथ ही बच्चों को किस दिशा में ले जा रहे हैं। बच्चे विद्रोही होते जा रहे हैं, क्रोध के शिकार होते जा रहे हैं, हीनभावना व अवसाद के...

अयोध्या में भव्य दीपावली

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: उत्तर प्रदेश की सरकार ने आम भारतीयों के साथ खड़े होकर पहली बार दिवाली का उत्सव मनाया तो लगा सरकार और लोगों में द्वैत समाप्त हो गया है। यह द्वैत विदेशी शासन में तो होता है, लेकिन पंथनिरपेक्षता को नाग की तरह गले में धारण किए स्वतंत्र भारतीयकरण सरकार भी इसी द्वैत की रक्षा करती रही। योगी आदित्यनाथ की सरकार को बधाई देनी चाहिए कि उन्होंने अयोध्या को उसका उचित...

जब तक राहुल कांग्रेस के नेता हैं तब तक मोदी को चिंता की जरूरत नहीं !

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जो खबरें अमेरिका से आ रही हैं, वे ऐसी हैं, जैसे किसी रेगिस्तान में झमाझम बारिश हो। भारत में जिसे लोग नेता मानने को तैयार नहीं हों, जिसे अखबारों में कभी-कभी अंदर के कोनों में कुछ जगह मिल जाती हो और जिसे लोगों ने तरह-तरह के मज़ाकिया नाम दे रखे हों, वह युवा नेता अमेरिका के बर्कले और प्रिंसटन जैसे विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों और छात्रों...

राजीव शर्मा: रोहिंग्या मुसलमानों के हालात देख तो महात्मा बुद्ध भी तपस्या छोड़ हथियार उठा लेते

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: रोहिंग्या … एक ऐसा नाम है जिनके खून से बर्मा की सड़कें लाल हो चुकी हैं। यह सब उस देश की धरती पर हो रहा है जहां दिन—रात बुद्धं शरणं गच्छामि और शांति के मंत्र गूंजते हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में रोहिंग्या मुसलमानों को दुनिया में सबसे ज्यादा सताए गए लोगों में शामिल किया गया है। बर्मा में इनके कत्लेआम की भयानक तस्वीरें आ रही हैं। कोई इन्हें आतंकवादी बता...

रोहिंग्या मुसलमान कौन हैं और इन पर इतना ज़ुल्म क्यों?

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासित/ब्यूरो मुख्यालय: रोहिंग्या मुसलमान बौद्ध बहुल देश म्यांमार के रखाइन प्रांत में शताब्दियों से रह रहे हैं। वर्तमान समय में इनकी आबादी क़रीब दस लाख से 15 लाख के बीच है। रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार के रखाइन (अराकान) में रहते हैं और यह सुन्नी इस्लाम को मानते हैं। कितने रोहिंग्या म्यांमार से भाग चुके हैं और वे कहां गए?   1970 के बाद से हिंसा से जान बचाकर लगभग 10...

कुशल भारत, कौशल भारत का अधिष्ठान !

स्टेटमेंट टुडे न्यूज़ एजेंसी: पैसा कुदरत तो नहीं, पर कुदरत से कम भी नहीं है. इसी कुदरत रूपी पैसा से हमारी आधारभूत आवश्कताओं की पूर्ति होती है, उसे अर्जित करने के लिए हमें काम करना पडता है. प्रतिपूर्ति के अभिप्राय हम काम की खोज करते है. काम तो मिलता है, पर अच्छा काम नहीं मिलता क्योंकि काम और अच्छे कामों में अंतर है. प्रत्युत, काम करने वालों की नहीं, बल्कि अच्छे काम करने वालों की...