सीबीएससी बोर्ड परीक्षा सोमवार से प्रारंभ !

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासित/ब्यूरो मुख्यालय: सीबीएसई की बोर्ड परीक्षाएं पांच मार्च से शुरू हो रही हैं। इस बार शहर के सात केंद्रों पर यह परीक्षा होगी। दसवीं और बारवहीं की बोर्ड परीक्षा में लगभग छह हजार से अधिक छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा के लिए पिछले बार की तुलना में एक परीक्षा केंद्र बढ़ाया गया है। कुल मिलाकर सात केंद्रों पर बच्चे परीक्षा देंगे। इनमें केसीएम, केंद्रीय विद्यालय, पीएमएस, गांधी नगर...

यह अकेलापन कहाँ ले जाएगा हमारे नौनिहालों को

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासित/ब्यूरो मुख्यालय: आज बच्चे एकाकी जीवन जी रहे हैं। उनके इस एकाकी जीवन का सहारा केवल कम्प्यूटर, फेसबुक, यूट्यूब, टीवी आदि बन चुके हैं। हम सभी जानते हैं कि यह बच्चों को क्या परोस रहे हैं और क्या दे रहे हैं, साथ ही बच्चों को किस दिशा में ले जा रहे हैं। बच्चे विद्रोही होते जा रहे हैं, क्रोध के शिकार होते जा रहे हैं, हीनभावना व अवसाद के...

हज आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 07 दिसम्बर से  बढ़ा कर 22 दिसम्बर की गई!

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासित/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊः लखनऊ, हज कमेटी आॅफ इण्डिया द्वारा हज-2018 के लिए भरे गए आवेदनों को राज्य हज समिति में जमा करने की अंतिम तिथि 07 दिसम्बर, 2017 से बढ़ाकर 22 दिसम्बर, 2017 कर दी गई है। अब प्रदेश के हज आवेदक अपने आॅनलाइन भरे गए आवेदन का प्रिन्ट आउट तथा आॅफलाइन भरे गए आवेदन को आगामी 22 दिसम्बर तक पंजीकृत डाक से अथवा दस्ती रुप में उत्तर प्रदेश...

अयोध्या में भव्य दीपावली

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: उत्तर प्रदेश की सरकार ने आम भारतीयों के साथ खड़े होकर पहली बार दिवाली का उत्सव मनाया तो लगा सरकार और लोगों में द्वैत समाप्त हो गया है। यह द्वैत विदेशी शासन में तो होता है, लेकिन पंथनिरपेक्षता को नाग की तरह गले में धारण किए स्वतंत्र भारतीयकरण सरकार भी इसी द्वैत की रक्षा करती रही। योगी आदित्यनाथ की सरकार को बधाई देनी चाहिए कि उन्होंने अयोध्या को उसका उचित...

ब्रेस्ट कैंसर कभी नहीं होगा, अगर महिलाएं ये 4 परहेज कर लें

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासित / ब्यूरो मुख्यालय : इन दिनों महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाली बीमारी ब्रेस्ट कैंसर है। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में ब्रेस्ट कैंसर का शिकार होने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इंडियन इंस्टिट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड एवोल्यूशन की तरफ से किए गए एक सर्वे के मुताबिक भारत में 2013 में 47,587 महिलाओं की मौत ब्रेस्ट कैंसर के कारण हुई। डॉक्टर्स की मानें तो इन...

जब तक राहुल कांग्रेस के नेता हैं तब तक मोदी को चिंता की जरूरत नहीं !

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की जो खबरें अमेरिका से आ रही हैं, वे ऐसी हैं, जैसे किसी रेगिस्तान में झमाझम बारिश हो। भारत में जिसे लोग नेता मानने को तैयार नहीं हों, जिसे अखबारों में कभी-कभी अंदर के कोनों में कुछ जगह मिल जाती हो और जिसे लोगों ने तरह-तरह के मज़ाकिया नाम दे रखे हों, वह युवा नेता अमेरिका के बर्कले और प्रिंसटन जैसे विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों और छात्रों...

राजीव शर्मा: रोहिंग्या मुसलमानों के हालात देख तो महात्मा बुद्ध भी तपस्या छोड़ हथियार उठा लेते

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: रोहिंग्या … एक ऐसा नाम है जिनके खून से बर्मा की सड़कें लाल हो चुकी हैं। यह सब उस देश की धरती पर हो रहा है जहां दिन—रात बुद्धं शरणं गच्छामि और शांति के मंत्र गूंजते हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में रोहिंग्या मुसलमानों को दुनिया में सबसे ज्यादा सताए गए लोगों में शामिल किया गया है। बर्मा में इनके कत्लेआम की भयानक तस्वीरें आ रही हैं। कोई इन्हें आतंकवादी बता...

रोहिंग्या मुसलमान कौन हैं और इन पर इतना ज़ुल्म क्यों?

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: अब्दुल बासित/ब्यूरो मुख्यालय: रोहिंग्या मुसलमान बौद्ध बहुल देश म्यांमार के रखाइन प्रांत में शताब्दियों से रह रहे हैं। वर्तमान समय में इनकी आबादी क़रीब दस लाख से 15 लाख के बीच है। रोहिंग्या मुसलमान म्यांमार के रखाइन (अराकान) में रहते हैं और यह सुन्नी इस्लाम को मानते हैं। कितने रोहिंग्या म्यांमार से भाग चुके हैं और वे कहां गए?   1970 के बाद से हिंसा से जान बचाकर लगभग 10...

आज भी मैं कागज पर लिखता हूं, जिससे मेरा तनाव कम हो जाता है : अमिताभ कुमार

स्टेटमेंट टुडे / समाचार एजेंसी: स्वतंत्रता प्राप्ति पश्चात् के प्रगतिशील भारत की ग्रामीण पृष्ठभूमि पर आधारित उपन्यास है। जहां भारत के अन्य गांवों की तरह ही रूढ़िवादिता, अंधविश्वास, जातिवाद, निरक्षरता और उच्च व धनाढ़य वर्ग द्वारा शोषित, निम्न वर्ग की समस्याएं है। गांववासी अपने मताधिकार से अनभिज्ञ है, जिसका फायदा उच्च वर्ग द्वारा हमेशा से उठाया जाता रहा है। ऐसे में निम्न वर्ग के एक युवक का अपनी प्रगति व पुरातन व्यवस्थाओं को बदलने का...

कुशल भारत, कौशल भारत का अधिष्ठान !

स्टेटमेंट टुडे न्यूज़ एजेंसी: पैसा कुदरत तो नहीं, पर कुदरत से कम भी नहीं है. इसी कुदरत रूपी पैसा से हमारी आधारभूत आवश्कताओं की पूर्ति होती है, उसे अर्जित करने के लिए हमें काम करना पडता है. प्रतिपूर्ति के अभिप्राय हम काम की खोज करते है. काम तो मिलता है, पर अच्छा काम नहीं मिलता क्योंकि काम और अच्छे कामों में अंतर है. प्रत्युत, काम करने वालों की नहीं, बल्कि अच्छे काम करने वालों की...