डा0 नीलकण्ठ तिवारी मुख्यमंत्री पर्यटन संर्बधन योजना संबंधी नीति तैयार करने के दिए निर्देश

Statement Today3 years ago313181 min
Statement Today
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, उत्तर प्रदेश के पर्यटन संस्कृति, धमार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा एमओएस प्रोटोकाॅल डा0 नीलकण्ठ तिवारी ने उ0प्र0 में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों तथा स्टेट हाईवेज के किनारे-किनारे पर्यटन सुविधा केन्द्र खोले जाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि इससे प्रदेश में पर्यटन को गति मिलेगी तथा घरेलू तथा विदेशी पर्यटकों को सड़क के किनारे रेस्टोरेन्ट के साथ मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी। उन्होंने मुख्यमंत्री पर्यटन संर्बधन योजना से संबंधित नीति तैयार करने तथा प्रदेश में स्थित अध्यात्मिक, ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व से जुड़े स्थलों को पहचान देने के लिए कार्ययोजना तैयार की जाय।
पर्यटन मंत्री आज यहां गोमतीनगर स्थित पर्यटन भवन में पर्यटन तथा पर्यटन निगम से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द तथा राजा हरिश्चन्द्र के आदर्शों एवं विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हम सब लोग अपने जीवन में कुछ ऐसा कार्य कर जायं, जिससे आने वाली पीढ़ियां याद करें। उन्होंने प्रस्तावित योजनाओं के टेण्डर अगले महीने तक किये जाने के लिए सभी कार्यवाहियां तेजी से पूरा करने के निर्देश दिये। इसके साथ ही शिलान्यास व लोकार्पण के लिए तैयार योजनाओं की सूची भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
भारत सरकार स्तर पर लम्बित प्रदेश की योजनाओं की शीघ्र निस्तारण के लिए हर स्तर पर प्रभावी पैरवी करने के निर्देश देते हुए डा0 तिवारी ने कहा कि जो भी योजनाएं निर्माणाधीन हैं, उनकों निर्धारित अवधि में पूरा कर लिया जाय। उन्होंने उत्तराखण्ड के हरिद्वार स्थित अलकनन्दा होटल को उत्तराखण्ड को हस्तांतरित करने के उपरान्त उसी परिसर में निर्माणाधीन होटल भागीरथी का निर्माण कार्य वर्ष 2021 के कुम्भ से पहले तैयार करने की हिदायत दी। इसके साथ ही बद्रीनाथ में बनने वाले पर्यटक आवास गृह से संबंधित सभी कार्यवाहियां शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने प्रदेश में स्थित ऐतिहासिक व पौराणिक मंदिरों की सूची भी तैयार करने की हिदायत दी।
डा0 तिवारी ने केन्द्र सरकार द्वारा प्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए संचालित योजनाओं जैसे-स्वदेश दर्शन व प्रसाद योजना के तहत और अन्य स्थानों को भी जोड़ने का सुझाव दिया। इसके अलावा प्रो-पूअर टूरिज्म को लोकप्रिय बनाने के लिए रणनीति तैयार करने के निर्देश दिये। पर्यटक सुविधा केन्द्र (टीएफसी) खोले जाने के बारे में उन्होंने कहा कि इसके निर्माण की डिजाइन पूरे प्रदेश में एक जैसी होनी चाहिए तथा निजी ढाबों को भी इससे जोड़ने के लिए ब्राण्डिंग की जानी चाहिए। उन्होंने पर्यटन निगम के बन्द पड़े होटलों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की इसके साथ ही ब्रज तीर्थ विकास परिषद् के अन्तर्गत आने वाले मथुरा वृंदावन आदि स्थानों की योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
पर्यटन मंत्री ने पर्यटन निगम द्वारा संचालित होटलों की आकुपेन्सी बढ़ाने, नाइट मार्केट आदि पर कार्य करने एवं होटलों से अधिक से अधिक व्यवसाय प्राप्त करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने उ0प्र0 में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए ऐतिहासिक तथा पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थानों के आस-पास अवस्थापना सुविधाओं का विस्तार करके अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने पर जोर दिया। इसके साथ ही मथुरा, नन्दगांव, गोकुल, बरसाना, आगरा तथा गोरखपुर आदि स्थानों पर पर्यटन से जुड़ी योजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये।
बैठक में ब्रज तीर्थ विकास परिषद् के उपाध्यक्ष शैलजा कान्त मिश्र, प्रमुख सचिव पर्यटन जितेन्द्र कुमार, विशेष सचिव एवं प्रबन्ध निदेशक पर्यटन निगम शिवपाल सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगेन्द्र प्रताप, उप निदेशक प्रीती श्रीवास्तव, अनूप श्रीवास्तव तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे।