मुजफ्फरनगर में हुए दंगे समाज की संवेदनशीलता के साथ खिलवाड़ – उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी

Statement Today
ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2013 में जनपद- मुजफ्फर नगर में हुए दंगे, जिसमें 60 लोगों की जान गयी, हजारों लोग बेघर हुए और करोड़ों की सार्वजनिक सम्पत्ति की क्षति हुई। तत्कालीन सरकार ने दंगे के आरोप में 131 मुकद्दमें विभिन्न लोगों के ऊपर दायर किये, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसमें से खास वर्ग के और भारतीय जनता पार्टी से जुड़े 18लोगों के मुकद्दमें वापस लेने का फैसला किया है, यह फैसला नितान्त निन्दनीय और पक्षपातपूर्ण है। इस प्रकार के फैसले से समाज की संवेदनशीलता के साथ खिलवाड़ करने वाले असामाजिक तत्वों का हौशला बुलन्द होगा जो हमारे प्रदेश की गंगा जमुनी तहजीब और भाईचारे को कमजोर करेगा। 
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि हमारा संविधान कार्यपालिका, व्यवस्थापिका और न्यायपालिका की पृथक शक्तियों के समन्वय पर आधारित है कि कोई भी संस्था एक दूसरे के अधिकार क्षेत्र मे अतिक्रमण नहीं करेगी। लेकिन यह सरकार जब से सत्ता में आई है- जहां केन्द्र में मोदी जी एक-एक करके संस्थाओं को कमजोर करते जा रहे हैं, चाहे वह योजना आयोग को नीति आयोग बनाना हो या आर.बी.आई. और सी.बी.आई. के स्वायत्तता को कमजोर करना हो या आर.टी.आई. कानून को निष्प्रभावी करना हो, लगातार संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। जो हमारे संविधान की मूल भावना के खिलाफ और राष्ट्र के लिए घातक है। कंाग्रेस पार्टी ऐसे प्रयासों को कभी भी स्वीकार नहीं करती क्यों कि इससे हमारे देश का लोकतंत्र और सविधान के प्रति भावना दोनों कमजोर होगी। 
कांग्रेस प्रवक्ता ने कल और आज सम्पन्न हुई पुलिसभर्ती परीक्षा के निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रदेश के कई जनपदों में साॅल्वर पकड़े गये हैं उससे यह साबित होता है कि प्रदेश की सरकार लगभग सारी परीक्षाओं को स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप में आयोजित कराने में असफल साबित हुई है, पूरा परीक्षातंत्र नकल माफियाओं के हवाले है, इसके चलते इस सरकार से किसी भी परीक्षा में हमारे युवाओं के साथ न्याय की अपेक्षा रखना व्यर्थ साबित हो रहा है।