पिछड़े वर्गों की शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए शीघ्र निस्तारण करें अधिकारी – जसवन्त सैनी

Statement Today11 months ago19781 min
Statement Today
ब्यूरो लखनऊ: उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग द्वारा प्रदेश के पिछड़े वर्ग के दबे-कुचले एवं पीड़ित समुदाय को न्याय प्रदान करने के उद्देश्य से इन्दिरा भवन स्थित राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के कार्यालय में निरन्तर सुनवाई की जा रही है। इसी उद्देश्य की प्राप्ति हेतु गत दिवस राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष, जसवन्त सैनी द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों के पिछड़े वर्ग के लोगों के रक्षोपायों एवं उत्पीड़न से सम्बन्धित 32 प्रकार के वादों की सुनवाई की गई एवं महत्वपूर्ण प्रकरणों पर कार्यवाही के निर्देश दिये गये।
आयोग में निरेन्द्र सिंह राठौर, जिला संयोजक, बरेली बनाम जिलाधिकारी बरेली, जो नगर पालिका परिषद नवाबगंज बरेली की वर्तमान नगर पालिका अध्यक्ष, श्रीमती शाहिला ताहिर ने पिछड़ी जाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर पिछड़ों के लिए आरक्षित नगरपालिका अध्यक्ष की सीट से चुनाव लड़कर पिछड़ों के अधिकारों के हनन के सम्बन्ध में 15 अक्टूबर 2019 को शिकायत प्राप्त हुयी थी। प्रकरण पर जिलाधिकारी बरेली द्वारा कमेटी गठित की गयी और जिला स्तरीय जाति प्रमाण पत्र सत्यापन समिति के निर्णय के उपरान्त तहसीलदार नबावगंज बरेली द्वारा 21 जनवरी, 2017 को श्रीमती शहला ताहिर के पक्ष में जारी उत्तर प्रदेश के पिछड़ी जाति के लिए जाति प्रमाण पत्र निरस्त कर दिया गया। यह साक्ष्य आयोग के समक्ष सुनवाई के समय जिलाधिकारी बरेली के प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुत किया गया। आयोग द्वारा कहा गया कि फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने एवं बनवाने वाली नगर पालिका अध्यक्ष व सम्बन्धित अधिकारी/कर्मचारियों के विरूद्व एफ0आई0आर0 दर्ज कराने की कार्यवाही की जायेगी।
इसी प्रकार नीरज कुमार राजपूत बनाम प्रमुख सचिव आवास, उ0प्र0 शासन व उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण लखनऊ का प्रकरण जो प्लाट उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में था, कि सुनवाई की गयी। आयोग द्वारा प्रमुख सचिव की ओर से किसी भी प्रतिनिधि के उपस्थित न होने पर नाराजगी व्यक्त की गयी। आयोग ने कहा कि लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा पिछड़े वर्ग के प्लाटों में गड़बड़ी के सम्बन्ध में बहुत अधिक शिकायतें प्राप्त हो रही है जो खेदजनक है। जसवन्त सैनी ने कहा कि प्रमुख सचिव आवास, उ0प्र0 शासन व उपाध्यक्ष लखनऊ विकास प्राधिकरण पिछड़े वर्गो की शिकायतों को गम्भीरता से लेते हुए त्वरित निस्तारित करें।
आयोग द्वारा कन्हइ, क्लीनर, जनपद उन्नाव बनाम प्रबन्ध निदेशक उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम लखनऊ के प्रकरण की सुनवाई की गयी, जिसमें विभाग द्वारा समस्त लम्बित देयकों का भुगतान कर दिया गया।