उत्तर प्रदेश : गुलाम नबी आजाद एवं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर सांसद की प्रेसवार्ता

Statement Today
अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ, गुलाम नबी आजाद ने कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 के चुनाव से लेकर और अभी तक अपनी सरकार जाने के समय भी सवाल उठाते रहते हैं कि 70 साल में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया तो यहां पर हम बड़ी जिम्मेदारी के साथ कहना चाहते हैं कि यह झूठ बोलकर मोदी अपनी कमियों को छिपा नहीं सकते। 
देश के सभी लोग इस बात को समझते हैं कि कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई से लेकर और आजादी के बाद हमेशा देश के लिए निर्णय लिये हैं काम किये हैं। इस देश के निर्माण और विकास में गांधी, नेहरू के योगदान को कोई भुला नहीं सकता। 
शुरूआत किसानों की करते हैं- कांग्रेस किसानों की लड़ाई आजादी के बाद ही नहीं आजादी से पहले लड़ती रही है विश्व के किसान आन्दोलनों की जब बात होगी तो चम्पारण किसान आन्दोलन की बात जरूर होगी जिसमें महात्मा गांधी के नेतृत्व में चम्पारण में किसानों की लड़ाई कांग्रेस ने लड़ी और आज भी चाहे वह हरित क्रान्ति हो, जिसकी शुरूआत पं0 जवाहर लाल नेहरू ने की थी उनसे लेकर इन्दिरा गांधी ने हरित क्रान्ति को अमली जामा पहनाने का काम किया जिससे देश में हमारे किसान भाइयों को उन्नत बीज मिले और हमारा उत्पादन विश्व रिकार्ड बना रहा है। हम खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर हुए। आजादी से पहले से ही किसानों के उत्थान के लिए गांधी ने सबसे बड़ा संघर्ष किया और अंग्रेजों से लेाहा लिया।
देश की आजादी के बाद सबसे बड़ा काम पं0 नेहरू ने जमींदारी उन्मूलन का किया। आजादी से पहले देश की पूरी जमीन कुछ गिने चुने जमींदारों, नवाबों में बंटी थी चाहे वह किसी जाति धर्म के हों, पं0 नेहरू ने जमीन लेकर जो काम करने वाले किसान थे उनको दिया। उसके बाद पानी की व्यवस्था के लिए डैम बनाने का काम किया। बिजली बनाने का काम किया गया इसे पं0 नेहरू से लेकर इन्दिरा सभी ने काम किया।
जब हमारा देश आजाद हुआ था तो देश में अन्न की कमी थी खाने के लिए अनाज नहीं था आज 130 करोड़ लोगों के लिए किसान अनाज उत्पादन करते हैं और निर्यात भी करते हैं।  भूमि अधिग्रहण की बात हो, राहुल गांधी के विशेष प्रयास और सहयोग से डाॅ0 मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी के नेतृत्व की सरकार ने भूमि अधिग्रहण बिल लाने का काम किया इस बिल के आने से पहले किसान की जमीन जोर जबर्दस्ती करके औने-पौने दाम में सरकारें उद्योगपति ले लिया करते थे। भूमि अधिग्रहण बिल आने के बाद किसान को अपनी जमीन के दाम तय करने, बेंचने के कानूनी अधिकार मिले और भूमि अधिग्रहण होने पर जमीन के दाम का चार गुना पैसा किसान को मिले यह कांग्रेस सरकार ने तय किया। 
अब राहुल गांधी ही ऐसे नेता हैं जो किसानों की आवाज बनकर खड़े हुए हैं उन्होने पिछले दस -पन्द्रह सालों में किसानों के उत्थान के लिए बराबर काम कर रहे हैं। अभी राहुल गांधी ने किसानों से वादा किया था उसे हमने पूरा कियां। हमने कर्नाटक में, पंजाब में, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सभी जगहों पर किसानों का कर्जा माफ किया। हम भाजपा जैसे नहीं हैं बीजेपी और मोदी ने वादा किया था किसानों का कर्जा माफ करेंगे, 15 लाख देंगे, काला धन लायेंगे और आज तक कुछ नहीं किया। यही अन्तर है कांग्रेस पार्टी में और भाजपा में। 
महिलाओं को सशक्त करने के लिए हमे पंचायतों में जिला परिषद में पहले तैंतीस प्रतिशत बाद में पचास प्रतिशत आरक्षण दिया। बीजेपी और आरएसएस जिनका इतिहास सभी जानते हैं कि क्या है आजादी की लड़ाई में उनका कोई इतिहास इसीलिए नहीं है। कांग्रेस पार्टी ने समाज के सभी वर्ग चाहे वह दलित हो, पिछड़ा हो, गरीब हो, अगड़ा हो, सभी के लिए काम किया। दलित समाज की लड़ाई गांधी ने आजादी से पहले शुरू की। हमने दलितों को सामाजिक रूप से आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए आरक्षण की व्यवस्था संविधान में की। 
हमारी ही कांग्रेस सरकार ने ओबीसी को रिजर्वेशन नौकरियों में मिले उसके लिए 90 के दशक में जब नरसिम्हाराव प्रधानमंत्री थे मैं उस समय संसदीय कार्य मंत्री था संसद में बिल लाये।  इसी तरह से एससी/एसटी के लिए हमने अनुसूचित वित्त आयोग बनाया इसी तरह से बाद में ओबीसी के लिए पिछड़ा वर्ग के लिए वित्त आयोग बनाया। अल्पसंख्यकों के लिए वित्त आयोग बनाया। यही नहीं नौकरियों में आरक्षण और वित्त आयोग के अलावा हमने एससी/एसटी और ओबीसी के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की जो कि सिर्फ विश्वविद्यालयों, कालेजों, स्कूलों में एडमीशन ही काफी नहीं था एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यकों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की।
छुआछूत दूर करने के लिए कानून बनाने का काम कांगे्रस ने किया।सिर पर मैला ढोने की जो प्रथा थी उसको समाप्त करने के लिए कांग्रेस ने कानून बनाया। अगर फिर भी हम पर यह आरोप लगे कि हमने दलितों के लिए काम नहीं किया, पिछड़ो, अल्पसंख्यकों, गरीबों के लिए काम नहीं किया तो यह हमारी सरकार के साथ हमारे नेताओं के साथ यह नाइंसाफी होगी।
अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए अल्पसंख्यक वित्त आयोग बनाया। हमारे नेताओं ने भारत को सबके लिए बनाया यहां पर सभी धर्मों के महापुरूषों और मानने वाले पैदा हुए। सभी के लिए समान संविधान बनाया। हमारा देश किसी एक धर्म का नहीं सभी का है। यही देश की खूबसूरती है कि सभी को बराबर अवसर मिले चाहे वह पढ़ाई, शिक्षा, पूजापाठ, खानेपीने का हो, इसकी व्यवस्था संविधान में की गयी।
हमारी सरकार ने सभी के लिए वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन का इंतजाम किया गया। कांग्रेस पार्टी आजादी के पहले से गरीबों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों की लड़ाई लड़ती रही है उनको सशक्त करने के लिए आजादी के बाद भी हमने काम किये हैं। 
अब 2019 लोकसभा चुनाव की बात है तो कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ पूरे देश में लोकसभा चुनाव लड़ेगी। जहां तक यूपी के इलेक्शन का सवाल है राहुल गांधी के नेतृत्व में यूपी सहित पूरे देश में कांग्रेस पार्टी पूरी शक्ति के साथ अपनी विचारधारा जो आजादी के पहले थी उसी को लेकर उसका पालन करते हुए हम यह इलेक्शन डटकर लड़ेंगे और भारतीय जनता पार्टी को पराजित करेंगे।
यह पूरी दुनिया जानती है कि लोकसभा चुनाव की लड़ाई भाजपा और कांग्रेस में है हम उन दलों का समर्थन जरूर लेंगे जो हमारी मदद करेंगे इस लड़ाई में, यह लड़ाई हमारी व्यक्तिगत नहीं है कांग्रेस और बीजेपी की विचारधारा की लड़ाई आजादी के पहले भी व्यक्तिगत नहीं थी और आज भी नहीं है। भारत को एक रखने की लड़ाई है सिद्धान्तों की लड़ाई है। भारत में सभी समुदाय, धर्म, जातियां मिलकर भारत को मजबूत करें उसकी लड़ाई है और जब हम देश को मजबूत करने की बात करते हैं तो देश तभी मजबूत होगा जब उस सरकार पर सभी समुदाय सभी वर्गों का विश्वास होगा।
कांग्रेस पार्टी ने अपना नुकसान करते हुए भी देश को एक रखने के लिए कदम उठाये हैं चाहे जम्मूकश्मीर हो, हमारी तीन चैथाई बहुमत से सरकार होने के बावजूद भी हमने शेख अब्दुल्ला को सरकार में लाने का काम किया हमारा नुकसान जरूर हुआ लेकिन देश का फायदा हुआ। मिजोरम में भी हमने लार्ड लिन्गा को मुख्य धारा में लाने का काम किया उसके हथियान छुड़ाये अपने मुख्यमंत्री को इस्तीफा दिलाकर वहां पर शांति और स्थिरता लाने का काम किया। 
असम में तूफान चल रहा था लेकिन एजीपी को आगे कर सरकार बनाने के लिए मदद की और वहां पर तबसे शान्ति है। पंजाब में संत लोंगेावाल का बवाल हुआ जो अकाली अगल देश की बात कर रहा था राजीव गांधी के नेतृत्व में अकाली को मुख्य धारा में लाने का काम किया आज अकाली सत्ता में या बाहर रहते हैं लेकिन देश के विरूद्ध बात नहीं करते हैं।
ये चार-पांच राज्यों की बात की है जहां पर हमने पार्टी का नुकसान तो सहा लेकिन देश का नुकसान नहंी होने दिया। लेकिन आज भाजपा को सिर्फ यह चिन्ता है उनकी पार्टी सत्ता में रहे उनकी सरकार रहे, वह प्रधानमंत्री बने, मंत्री देश का क्या होगा उन्हें चिन्ता नहीं है।
पत्रकारों के सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा कि महागठबन्धन की बात हमने नहीं की थी यह मीडिया की उत्पत्ति थी। हमने गठबंधन की बात की थी लड़ाई सीधे कांग्रेस और भाजपा की है जो जो भाजपा को हराना चाहते हैं उनका हम स्वागत करते हैं अपने गठबंधन में। लेकिन कोई मजबूरी नहीं हैं इसमें कई दल आयेंगे वो दल जाने किसकी कितनी रूचि है बीजेपी को हराने में और जहां तक चल रहा है कई राज्यों में हमारी बातचीत चल रही है इस महीने के अंत में आपको पता चल जायेगा कि गठबन्धन में कौन कौन सी पार्टी कांग्रेस के साथ है।
पत्रकारों के बोफोर्स के सवाल पर आजाद ने कहा कि बहुत सारे दल हर समय बोफोर्स बोफोर्स किया करते हैं मैं उस वक्त भी महासचिव था और मैं मिनिस्ट्री छोड़कर यूपी का प्रभारी बन गया था वीपी सिंह का मुकाबला करने के लिए वीपी सिंह बोफोर्स बोफोर्स करके ही प्रधानमंत्री बन गये अगर आपको याद होगा तो हर सैंकड़ों मीटिंगों में वह अपनी जेब से पेपर निकालने थे कि यह नाम हैं जिस दिन प्रधानमंत्री बना उस दिन मैं अपनी जेब से बोफोर्स के नाम निकालूंगा और कार्यवाही करूंगा लेकिन बोफोर्स तो क्या एक चींटी भी नहीं पकड़ पाये उसके बाद कई प्रधानमंत्री बने भाजपा के तीन दफा प्रधानमंत्री बने अटल बिहारी और पिछले साढ़े चार-पांच साल से मोदी साहब प्रधानमंत्री हैं क्या हुआ?
पत्रकारों के सवाल पर आजाद ने कहा कि हर आदमी के अपने अपने विचार हैं किसी की सोच बदल नहीं सकते और हमारे लीडरों ने जो संविधान बनाया उसमें विचार की अभिव्यक्ति का अधिकार दिया तो हम कैसे इस पर टिप्पणी कर सकते हैं। हम अपनी बात करते हैं कि हमने क्या क्या किया है। आजादी से पहले और आजादी के बाद और वह बता दें कि उन्होने आजादी के पहले क्या किया और बाद में। 
पत्रकारों के सवाल पर आजाद ने कहा कि हमने यह गठबन्धन नहीं तोड़ा हम चाहते थे कि ज्यादा से ज्यादा पार्टी गठबन्धन में आ जाऐं हमने पिछले 6 महीने में कई बार बयान दिये जो भी बीजेपी को हराना चाहे हम उसके साथ चलने के लिए तैयार हैं यदि वह हमारे साथ चलने के लिए तैयार है अब अगर कोई हमको साथ लेकर चलना चाहते हैं तो यह उनकी सोच है अब उन्होने चैप्टर क्लोज किया तो अब हम बीजेपी को पराजय देने के लिए अपने बलबूते पर पूरी शक्ति से यह लड़ाई लड़ेंगे। हमने अंग्रेजों के समय 1942 के समय से भारत छोड़ो आन्दोलन के समय से उस समय जो बीजेपी के लीडर थे उनसे हमने समझौता नहीं किया। 
पत्रकारों के सवाल पर आजाद ने कहा कि यह गलतफहमी है कि कांग्रेस का नेता और कार्यकर्ता निराश है बल्कि अब तो सब खुश हैं कि पहले हम पचीस सीटों पर लड़ते अब तो अस्सी सीटों पर लड़ेंगे। पत्रकारों के आरएलडी के सवाल पर आजाद ने कहा कि हमारी पार्टी आज से नहीं तीन चार सालों से कह रही है कि अगर भाजपा को पराजय देने के लिए जो भी इस गठबन्धन में शामिल होना चाहता है उसका स्वागत करेंगे। अब इसमें बहुत सारी पार्टियां अपने आप आयीं चन्द्रबाबू नायडू आ गये कई अपने आपसे आये हैं और कई से हम बात करेंगे लेकिन यह मीडिया का विषय नहीं है। पत्रकारों के सवाल पर आजाद ने कहा कि 6 महीनें में हमने जिला स्तर के 10 से ज्यादा सम्मेलन किये हैं।
पत्रकारों के सवाल पर आजाद ने कहा कि यह लड़ाई राज्य के चुनाव की नहीं हैं। यह लोकसभा चुनाव की दिल्ली की लड़ाई है। पत्रकारों के पोस्टपेाल एलायन्स के सवाल पर आजाद ने एक शेर पढ़ा- कौन जीता है तेरी जुल्फ के सर होने पर।पत्रकारों के तीसरे मोर्चे के सवाल पर आजाद ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रधानमंत्री पद की लड़ाई नहीं लड़ रही है बीजेपी केा हराने की लड़ाई लड़ रही है जिसने किसानों, व्यापारियों, नौजवानों सहित पूरे देश को ठगा है।
पत्रकारों के ईवीएम के सवाल पर आजाद ने कहा कि हम तो कई साल से कह रहे हैं कि ईवीएम में शिकायतें मिल रही है कई बार डेलीगेशन लेकर चुनाव आयोग के पास गये है हमने बैलेट की भी बात की थी और यही पूरा बैलेट से न हो तो हमने सुझाव दिया था कि ओवर आल 30 प्रतिशत पर लोकसभा/विधानसभा में बैलेट से वोटिंग हो ताकि पता चले कि कौन सी पार्टी आगे हैं। लेकिन इस पर भी चुनाव आयोग तैयार नहीं हुआ, ईवीएम पर जो शंका थी वह बनी रहेगी। 
पत्रकारों के विपक्षी दलों के गठबन्धन के सवाल पर आजाद ने कहा कि बीजेपी बताये उनका कितने दलों का गठबन्धन है उनका तो 42 दलों से गठबन्धन है और साथ साथ तलाक भी देते जाते हैं अभी हाल ही में तीन चार दलों को तलाक दिया है।
पत्रकारों के कांग्रेस के घोषणापत्र के सवाल पर आजाद ने कहा कि हमारा घोषणापत्र किसानों के लिए, रोजगार के लिए, छोट,े मध्यम उद्योग के लिए और बेकारी खत्म करने के लिए, कर्मचारियों के लिए, महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से किसानों के लिए जहां जहां हमारी सरकार आयी है कर्जा माफ करते जा रहे हैं राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस सरकार आयेगी तो पूरे देश के किसानों का कर्जा माफ करेंगे जैसे पहले 72 हजार करोड़ रूपया माफ किया था तो समाज के हर एक वर्ग के लिए और शोषित के लिए हमारा पहली दफा कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने आठ महीने पहले नेशनल मैनीफेस्टों कमेटी का गठन किया है और यह कमेटी तबसे देश के सभी क्षेत्रों में जाकर समाज के सभी वर्गों से इनपुट ले रही है शायद कांग्रेस दुनिया की पहली पार्टी है जो अपना मेनीफेस्टो बनाने से पहले किसानों के पास जा रही है दलितों के पास अल्पसंख्यकों के पास जाती है बेरोजगारों के पास भी जाती है छोटे मध्यम व्यापारियों के पास जा रही है मजदूरों के पास जा रही है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाध्ंाी की मंशा है कि हमारी पार्टी का मैनीफेस्टो देश के सभी लोगों की राय आवश्यकता के हिसाब से हो। जब यह सारी राय मेनीफेस्टो कमेटी की सारे देश से आ जाएगी वही मेनीफेस्टो हमारा घोषणा पत्र होगा और हमारी सरकार बनने के बाद उसे हम लागू करेंगे तब जाकर देश के सभी लोगों की आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को कांग्रेस पार्टी पूरा करेगी।