जानिये क्यूँ नहीं हो सकता EVM मशीन में छेड़ छाड़………

statementtoday.com7 years ago211 min
स्टेटमेंट टुडे न्यूज़
इस वक़्त अगर कोई मामला सुर्ख़ियों में है तो वो हो योगी का CM बनना लेकिन उससे ज्यादे कहीं कोई मामला सुर्ख़ियों में है तो वो है EVM मशीन जिसके ऊपर तमाम तरह के दावे किये जा रहे हैं की 2017 विधानसभा का चुनाव अगर भाजपा जीती है तो सबसे बड़ी कमी और उपलब्धी EVM मशीन की बताई जा रही है|और वहीँ चुनाव आयोग का दावा है की ऐसा कुछ नहीं है मशीन अपने जगह ठीक है क्यूंकि उसकी पूर्ण रूप से जाच  करने के बाद ही उसको कार्य के लिए लगाया गया था| लेकिन चुनाव आयोग इतने गर्व से क्यों कह रहा है की मशीन में कोई गड़बड़ी नहीं थी तो आइये जानते हैं…..
 एक दिन पहले मतदान कर्मियों को दी जाती है मशीन के सीरिज की जानकारी….
ईवीएम मशीन को ऑनलाइन हैक नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह किसी भी तरीके से इंटरनेट से कनेक्ट नहीं होती मतदान केंद्र के अनुसार ईवीएम मशीन को ढूंढ़कर निकाल पाना इतना आसान नहीं है. वोटिंग मशीनों की सीरीज की जानकारी मतदानकर्मी और उसके अन्य सहयोगियों को सिर्फ एक दिन पहले ही दी जाती है.
 मतदाता को दिखाई जाती है पर्ची ……
ईवीएम मशीन दो तरह की बैलट और कंट्रोल यूनिट के साथ एक तीसरी यूनिट भी VVPAT को भी इसके साथ जोड़ दिया गया है. VVPAT में मतदान करने के कुछ सेकेंड के अंदर ही मतदाता को वह पर्ची दिखायी जाती है कि उसने किस दल को मतदान किया है. हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक इस तरह की मशीन का इस्तेमाल सभी मतदान केंद्रों पर नहीं किया गया है.
सर्व प्रथम जांच कर चेक किया जाता है की कहीं दुरुस्त व्यवस्था तो नहीं …….
मतदान शुरू होने से पहले ही ईवीएम मशीन की जांच की जाती है कि वह दुरुस्त है भी या नहीं है. इसी समय यह भी देखा जाता है कि इस मशीन के साथ उपयोग करने के पहले किसी ने छेड़छाड़ तो नहीं की है. मॉक पोलिंग जरिये मतदानकर्मियों की ओर से इस प्रक्रिया को पूरी किया जाता है. इस प्रक्रिया को पूरी करने के बाद मतदानकर्मी चुनाव की प्रक्रिया को शरू करते हैं.
 माक पोल का सर्टिफिकेट मिलने के बाद होता है मतदान…….
सबसे पहले पोलिंग एंजेट को ही मतदान करने के लिए कहा जाता है, ताकि मशीन की जांच हो सके. मॉक पोल के बाद पोलिंग एंजेट मतदानकर्मियों को सही मॉक पोल का सर्टिफिकेट देते हैं. इस सर्टिफिकेट के मिलने के बाद ही संबंधित मतदान केंद्र पर मतदान की प्रक्रिया शुरू की जाती है.

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