खुशहाली के मामले में भारत के पड़ोसी देशों से पिछड़ने सहित आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियां

statementtoday.com7 years ago201 min
स्टेटमेंट टुडे न्यूज़

देश की दो प्रमुख दूरसंचार कंपनियों आइडिया सेल्युलर और वोडाफोन इंडिया के विलय की खबर को आज के करीब सभी अखबारों ने पहले पन्ने पर जगह दी है. खबरों के मुताबिक इस विलय के बाद बनने वाली नई कंपनी देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी होगी. हालांकि, बताया जाता है कि विलय की प्रक्रिया पूरा होने में करीब साल भर का समय लगेगा. इसके अलावा उत्तर प्रदेश में नई सरकार आने के दूसरे ही दिन इलाहाबाद में दो बूचड़खाने बंद होने की खबर को भी अखबारों ने प्रमुखता से छापा है. भाजपा ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में वादा किया था कि सरकार बनने पर राज्य के सारे अवैध बूचड़खाने बंद कर दिए जाएंगे.

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सोमवार को धनशोधन रोकथाम कानून के तहत विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन की 18.37 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली. यह खबर भी आज के अखबारों की प्रमुख सुर्खियों में शामिल है. अखबारों के मुताबिक जब्त की गई इस संपत्ति में म्यूचुअल फंड, बैंक खातों में जमा रकम और अचल संपत्तियां शामिल हैं.

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि खुशहाली के मामले में पाकिस्तान और नेपाल के लोग भारतीयों से बेहतर स्थिति में है. संस्था द्वारा जारी खुशहाली सूचकांक में भारत का स्थान 155 देशों के बीच 122वां है. इस खबर को भी कई अखबारों ने प्रमुखता से जगह दी है. पिछले साल यह 118वां था. उधर, पड़ोसी देशों में पाकिस्तान 80वें, नेपाल 99वें, भूटान 97वें, बांग्लादेश 110वें और श्रीलंका 120वें पायदान पर है. इस सूचकांक में नार्वे को सबसे खुशहाल देश बताया गया है जबकि सीरिया अंतिम पायदान पर है. इस रिपोर्ट को कई कारकों जैसे असमानता, औसत आयु और प्रति व्यक्ति आय के आधार पर तैयार किया गया है.

नक्सलवाद प्रभावित नौ राज्य युवाओं को प्रशिक्षित करने और रोजगार देने में विफल

नक्सलवाद प्रभावित नौ राज्य युवाओं को प्रशिक्षित करने और रोजगार देने में विफल रहे हैं. हिंदुस्तान टाइम्स में छपी एक खबर के मुताबिक इनमें छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्य शामिल हैं. 2011 में कांग्रेसनीत यूपीए-2 सरकार ने इन राज्यों के 34 जिलों में युवाओं को रोजगार देने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम की शुरुआत की थी. इस कार्यक्रम की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय के पास है. अखबार के मुताबिक हर राज्य को नक्सल प्रभावित जिले में एक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) और दो कौशल विकास केंद्रों की स्थापना 31 मार्च, 2016 तक करनी था. बताया जाता है कि कौशल विकास मंत्रालय ने गृह मंत्रालय के कहने पर इस लक्ष्य को बढ़ाकर मार्च, 2019 कर दिया है. साथ ही, 13 और नए जिलों को इस सूची में शामिल किया गया है. केंद्र सरकार ने इस कार्यक्रम के लिए जारी फंड को भी 241 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 408 करोड़ रुपये कर दिया है. हालांकि, राज्य सरकारें पहले से जारी पैसे को भी खर्च करने में विफल रही हैं.

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