विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में नंबर वन बनेगा उत्तर प्रदेश : ए०के० शर्मा

statementtoday.com1 month ago81 min
Statement Today

अब्दुल बासिद/ब्यूरो मुख्यालय: लखनऊ,माननीय प्रधानमंत्री जी के आशीर्वाद से और  मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है।

प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए०के० शर्मा की कुशल कार्यशैली से प्रदेश अपनी तापीय विद्युत उत्पादन क्षमता को दोगुना से अधिक करने की सफलता हासिल कर रहा है।

उर्जा मंत्री शर्मा ने बताया कि मंत्रीमंडल ने एनटीपीसी के साथ साझेदारी में अनपरा में एक और 2 ग 800=1600 मेगावाट क्षमता के थर्मल पावर प्लांट की स्थापना को मंजूरी दे दी है। कहा कि सरकार के प्रयासों से जल्द ही उत्तर प्रदेश विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में देश में प्रथम स्थान पर स्थापित होगा।

उर्जा मंत्री ने बताया कि पिछले साल जुलाई में एनटीपीसी के साथ मिलकर ओबरा-डी में 2ग800=1600 मेगावाट क्षमता के पावर प्लांट को मंजूरी दी गयी थी। वहीं इस वर्ष हाल ही में ओबरा और जवाहरपुर में एक-एक 2ग660=1320 मेगावाट के संयंत्रों का पूर्ण वाणिज्यिक संचालन भी शुरू हो गया है।

वहीँ एनटीपीसी के साथ साझेदारी में एक और 3ग800=2400 मेगावाट संयंत्र स्थापित करने की तैयारी में हैं। इसके अलावा एनटीपीसी सिंगरौली में अपना 2ग800=1600 मेगावाट का बिजली संयंत्र स्थापित कर रहा है, जिसकी नींव माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा हाल ही में रखी गई।

उर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि मंत्रिमंडल ने अनपरा में एनटीपीसी की मदद से 800 मेगावाट की दो इकाइयां लगाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। वर्ष 2023 ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में एनटीपीसी के साथ दो बड़े एमओयू किए गए थे। इसमें ओबरा-डी में 800 मेगावाट की दो इकाइयां लगाने के प्रस्ताव को पिछले वर्ष ही मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है और अब अनपरा में भी 800 मेगावाट के दो प्लांट एनटीपीसी की मदद से लगाए जाएंगे।

उर्जा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार और एनटीपीसी के बीच ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में किये गये करार के संदर्भ में 50-50 प्रतिशत की साझेदारी के साथ अनपरा का यह प्रोजेक्ट आगे बढ़ेगा। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 8624 करोड़ रुपए है और इसकी पहली यूनिट लगभग 50 महीनों में तैयार हो जाएगी, जबकि दूसरी यूनिट आगे 06 महीने में क्रियान्वित हो जाएगी। इसमें 30 प्रतिशत इक्विटी होगी जो राज्य सरकार और एनटीपीसी आपस में वहन करेंगे, जबकि 70 प्रतिशत ऋण लेकर इसको क्रियान्वित किया जाएगा।

उर्जा मंत्री ने बताया कि इस परियोजना के लिये कोयला नजदीक स्थित कोल खदान से लिया जाएगा, जिससे सस्ती बिजली मिलने का रास्ता साफ होगा।

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